जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कैंट बोर्ड की ओर से कैंट क्षेत्र के व्यापारियों को राहत देते हुए ट्रेड लाइसेंस शुल्क की दरों को 30 से 40 प्रतिशत तक कम करने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय शनिवार को कैंट बोर्ड कार्यालय में हुई स्पेशल बोर्ड बैठक में लिया गया। इस मौके पर कैंट अस्पताल का ओपीडी शुल्क बढ़ाये जाने, हैंडपंप ठीक कराये जाने, मोबाइल टॉवर इसके अलावा प्लास्टिक बैन कराये जाने से संबंधित कई फैसले लिये गये।
ट्रेड लाइसेंस शुल्क व बोर्ड के अन्य खर्चों समेत कई मामलो को लेकर शनिवार को कैंट बोर्ड कार्यालय में स्पेशल बोर्ड बैठक हुई। बैठक में रखे गये एजेंडे में सबसे पहला मुद्दा कैंट क्षेत्र के व्यापारियों को लेकर शुरू किये गये ट्रेड लाइसेंस शुल्क का रहा। ट्रेड लाइसेंस शुल्क को लेकर पिछले काफी समय से विवाद चला आ रहा था।
व्यापारी इस लाइसेंस को लेकने से इनकार कर रहे थे और इसकी बढ़ी दरों का विरोध कर रहे थे। बता दें कि पहले लाइसेंस शुल्क की दरों को तीन कटेगिरी मीडियम, हाई और स्मॉल के आधार पर तय किया गया था, लेकिन अब इसकी सिर्फ एक कटेगरी बनाई गई है।
ट्रेड लाइसेंस शुल्क की दरों को बोर्ड बैठक में बोर्ड अध्यक्ष बिगे्रडियर अर्जुन सिंह राठौर के सामने रखा गया। जिसमें इसकी शुल्क की दरों को 30 से 40 प्रतिशत तक कम करने का निर्णय लिया गया। कैंट बोर्ड सीईओ ने बताया कि इसे नई दरों के साथ लागू किया जायेगा।
इसके उपरांत रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी किये गये निर्देशों के विषय में बताया गया। जिसमें कार्यालय की अंतरिम सफाई के निर्देश दिये गये। यह कार्य दीपावली तक चलेगा। बैठक में कैंट बोर्ड कर्मचारियों को नि:शुल्क पानी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी पास हुआ। इसके साथ ही पार्किंग, तहबाजारी समेत कई ठेकों को रिन्यू कराया गया।
स्क्रैप को बेचने का प्रस्ताव भी पास हुआ। यहां सीवर लाइन, पानी के कनेक्शन आदि को लेकर चर्चा हुई और उन प्रस्तावों को पास किया गया। यहां मोबाइल कनेक्टिविनी को सुधारने के लिये टावर टेंडर को भी रिन्यू कराया गया साथ ही दो टावरों को स्थान बदले जाने का प्रस्ताव भी पास हुआ। बैठक में कैंट अस्पताल की ओपीडी शुल्क को जनरल के लिये 50 रुपये और प्राइवेट डॉक्टरों को बुलाये जाने पर 100 रुपये शुल्क रखने का प्रस्ताव पास हुआ।
साथ ही हैंडपंप सही कराने, जेसीबी खरीदे जाने समेत कई प्रस्ताव पास हुआ। बोर्ड अध्यक्ष ने यहां कैंट अस्पताल में समय-समय पर निरीक्षण करने के भी निर्देश दिये। अंत में बोर्ड बैठक में म्यूटेशन के 25 मामलों को पास किया गया।
जिसमें कई मामलों को बोर्ड अध्यक्ष ने विस्तार से जाना। बैठक में कैंट बोर्ड कार्यालय अधीक्षक जयपाल सिंह तोमर भी मौजूद रहे। इस मौके पर बोर्ड अध्यक्ष ने कैंट बोर्ड के अन्य अधिकारियों के साथ भी वार्ता की। उसके बाद बोर्ड मेें एकता दिवस मनाया गया। जहां सीईओ ने सभी को शपथ दिलाई।
औघड़नाथ मंदिर में न हो प्लॉस्टिक का इस्तेमाल
बैठक में प्लॉस्टिक बैन को लेकर काफी देर तक चर्चा की गई। यहां प्लॉस्टिक बैन कराये जाने को लेकर अभियान चलाये जाने व रीसाइक्लिंग कराये जाने पर सहमति बनी। इस मौके पर बोर्ड अध्यक्ष ने औघड़नाथ मंदिर के आसपास लगने वाले भंडारों में प्लॉस्टिक यूज पर बैन लगाये जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इसमें डोने आदि का इस्तेमाल न किया जाये। भंडारों में पत्तलों के इस्तेमाल पर जोर दिया जाए।

