Wednesday, April 1, 2026
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पटरी पर लौटा परिवहन निगम का ई-टिकटिंग सिस्टम

  • रीजन के सभी डिपो में शुरू हुई ईटीएम व्यवस्था, अभी मैनुअली टिकट भी रखेंगे परिचालक

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: यूपी रोडवेज के ई टिकटिंग सिस्टम को लेकर विभाग द्वारा शुरू की गई वैकल्पिक व्यवस्था हर डिपो में लागू कर दी गई है। प्रथम चरण में हर रीजन से एक-एक डिपो को ट्रायल के तौर पर लेकर परिचालकों को ईटीएम उपलब्ध कराने के बाद रविवार रात से सभी डिपो में बसों के लिए एटीएम मशीनें उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

मेरठ परिक्षेत्र के आरएम केके शर्मा ने बताया कि 25 अप्रैल से हैक किए गए विभाग के ई टिकटिंग सर्वर को रिकवर करने के साथ-साथ संबंधित कंपनी ने विकल्प के रूप में दूसरे सर्वर का सहारा लिया है। जिसके पहले चरण में प्रदेश के हर परिक्षेत्र से एक-एक डिपो में ट्रायल के तौर पर ईटीएम दी गई। विभाग की यह वैकल्पिक व्यवस्था काम कर गई है।

जिसको देखते हुए रविवार से सभी डिपो में परिचालकों को ईटीएम मशीनें उपलब्ध कराने का काम शुरू करा दिया गया है। आरएम ने बताया कि अभी कुछ दिनों तक सभी परिचालक ईटीएम मशीन के साथ-साथ अपने पास मैनुअली टिकट बनाने की व्यवस्था भी रखेंगे। ताकि किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न होने की स्थिति में टिकट बनाने का काम बाधित न हो सके।

गौरतलब है कि यूपी रोडवेज की ई टिकटिंग व्यवस्था का रखरखाव करने वाली फर्म की नवी मुंबई स्थित कंपनी में सेंध लगाकर विदेशी हैकरों ने 25 अप्रैल से टिकटिंग सर्वर के डाटा को इनक्रिप्ट कर दिया था। हैकिंग मामले में निगम के प्रबंध निदेशक संजय कुमार को भी हटाया जा चुका है। इस बीच तकनीकी जानकारों ने पूरे सिस्टम को दूसरे सरवर पर लेटर ई टिकटिंग व्यवस्था को सुचारू करने का प्रयास किया है।

एक चौथाई ईटीएम हो चुकी हैं खराब

परिक्षेत्र में अधिकांश ईटीएम मशीन काफी पुरानी होने के कारण सही ढंग से काम नहीं कर पा रही हैं। परिचालकों और कार्यालय स्टाफ से मिली जानकारी के अनुसार करीब एक चौथाई मशीने ऐसी हैं, जिनके या तो बटन काम नहीं कर रहे हैं, या उनकी टच स्क्रीन खराब हो चली हैं। उनको रिमोट की तरह पीट-पीटकर जैसे-जैसे काम लिया जा रहा है।

अकेले भैंसाली डिपो की अगर बात की जाए तो यहां 180 ईटीएम मशीनें उपलब्ध हैं। लेकिन इनमें से करीब 40 मशीनें किसी ना किसी खराबी के कारण काम नहीं कर पा रही हैं एआरएम भैंसाली डिपो अरविंद कुमार का कहना है कि मशीनों को ठीक कराने के लिए लखनऊ भेजा गया है।

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