Monday, June 17, 2024
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पत्थरवालान में दुपहिया वाहन खड़े करने पर हंगामा

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  • पुलिस ने मोहल्लावासियों की तीखी नोकझोंक, मोहल्ले वालों ने दी पलायन की चेतावनी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: खैरनगर बाजार में दवाइयों के विक्रेताओं के यहां आने वाले सैकड़ों मेडिकल रीप्रिजेंटेटिव द्वारा अवैध रूप से अपने वाहनों को पत्थरवालान मोहल्ले में घरों के आगे पूरे दिन खड़ा करने के विरोध में मोहल्ले के लोगों ने मंगलवार को हंगामा किया। पुलिस से शिकायत की गई। पुलिस यह कार्य नगर निगम का बताकर टालने का प्रयास किया। इसको लेकर पूर्व पार्षद विजय आनंद अग्रवाल व लोगों की पुलिस ने नोकझोंक हुई। लोगों ने अपने मकान बेचकर पलायन करने और मुख्यमंत्री से शिकायत करने की चेतावनी दी। पुलिस ने कई वाहनों के चालान किए।

खैरनगर बाजार में थोक व फुटकर दवाइयों की सैकड़ों दुकानें हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में पत्थरवालान में भी दुकानें हैं। इन पर रोजाना सैकड़ों मेडिकल रीप्रिजेंटेटिव आते हैं। वे अपने दुपहिया वाहन अवैध रूप से खैरनगर बाजार और पत्थरवालान में दुकानों और घरों के आगे लगाकर पूरे दिन गायब रहते हैं। लोगों को घर में घुसने तक का रास्ता नहीं छोड़ा जाता। यदि लोग मना करते हैं तो मेडिकल रीप्रिजेंटेटिव लोगों के साथ मारपीट करते हैं। पुलिस इनके साथ न तो सख्ती करती और न ही उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करती। अवैध रूप से खड़े वाहनों का पुलिस चालान भी नहीं करती।

मंगलवार को पत्थरवालान निवासी सुदीप कौशिक दोपहर को किसी कार्य से अपने घर आए तो उनके घर के आगे 10-15 स्कूटर, मोटरसाइकिलें खड़ी थीं। एक मेडिकल रीप्रिजेंटेटिव उनके घर के रास्ते में स्कूटर लगाने लगा, इसका उन्होंने विरोध किया तो उनके साथ लड़ने लगा। शोर सुनकर अन्य मोहल्लेवासी वहां पहुंचे। उन्होंने मोहल्ले के पूर्व पार्षद विजय आनंद अग्रवाल को मोहल्ले में झगड़ा होने की सूचना दी और उन्हें तुरंत वहां बुलाया। विजय आनंद ने तुंरत थाना देहली गेट को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची।

उन्होंने पुलिस को बताया कि यहां घरों के आगे मेडिकल रीप्रिजेंटेटिव सुबह दस बजे से रात नौ बजे तक अपने दुपहिया वाहन खड़े कर जाते हैं। घर से बाहर निकलने का रास्ता नहीं छोड़ते। वाहन खड़ा करने से मना करने पर वे मारपीट करते हैं। नगर निगम ने घंटाघर पर पार्किंग बना रखी हैं, पर वे वहां पार्किंग नहीं करते। उन्होंने वाहनों का चालान करके वहां से हटवाने और वहां वाहनों का खड़ा होना बंद कराने की बात कही। पुलिस ने यह कार्य नगर निगम का बताया। इसपर पूर्व पार्षद व मोहल्ले के लोगों की पटेल नगर पुलिस चौकी प्रभारी से नोकझोंक हुई।

विजय आनंद व लोगों ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने अवैध पार्किंग बंद नहीं कराई तो वे अपने घरों पर मकान बिकाऊ का पोस्टर लगाकर पलायन कर देंगे और इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे। इस पर पुलिस ने कई वाहनों के चालान किए। विजय ने बताया इस समस्या के निराकरण के लिए वे शीघ्र पुलिस के आलाधिकारियों से मिलेंगे। हंगामा करने वालों में सुदीप कौशिक, मनीष रस्तोगी, सागर, टीटू प्रजापति, सोनू प्रजापति, मुकुल जैन, अुतल, नितिन शर्मा, पंकज, बंटी आदि शामिल रहे।

दिनभर हाउस अरेस्ट रहते हैं मोहल्लेवासी

पत्थरवालान के लोगों ने पुलिस को बताया कि मेडिकल रीप्रिजेंटेटिव सुबह 10 बजे से रात नौ बजे तक अपने वाहनों को उनके घरों के आगे खड़ा करके चले जाते हैं। घर से बाहर निकलने का रास्ता बंद रहता है। वे पूरे दिन हाउस अरेस्ट रहते हैं। बच्चों स्कूल से लौटते हैं तो रास्ता न मिलने से मोहल्ले में रिक्शा नहीं घुस पाती और बच्चे बाहर से पैदल घर पहुंचते हैं।

कॉल गर्ल बनने से मना किया तो पति ने ब्लेड से काट डाला

मेरठ: लव मैरिज कर धर्म परिवर्तन करने वाले युवती से उसका प्रेमी जिस्मफरोशी कराने लगा, लेकिन जब युवती ने कॉल गर्ल बनने से इंकार कर दिया तो ब्लेड से हमला कर उसको घायल कर दिया। कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र की एक युवती ने पति सहित अन्य ससुराल वालों पर धर्म परिवर्तन कराकर शादी कराने और फिर जिस्मफरोशी कराने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस कार्यालय पहुंचकर एसएसपी से शिकायत की। युवती ने बताया कि उसकी मुलाकात लोहियानगर निवासी व्यक्ति से हुई। उसने भविष्य संवारने के नाम पर धर्म परिवर्तन कराकर अपने बेटे से शादी करवाई। आरोप है कि शादी के बाद पति और ससुराल वालों ने पीड़िता को नशे के इंजेक्शन देकर उससे जिस्मफरोशी कराना शुरू कर दिया। कई बार उसका गर्भपात कराया गया। जिस्मफरोशी से इन्कार करने पर ब्लेड से काटकर लहूलुहान कर पति घर में रखी 40 हजार की नकदी लेकर फरार हो गया।

गगन हत्याकांड में किसे बचाने को पुलिस भाग रही सवालों से

मेरठ: छात्र गगन मौत मामले में किस को बचाने के लिए पुलिस परिवार वालों के सवालों से भाग रही है। गगन मौत मामले में पुलिस की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। दरअसल कुछ जाट संगठनों ने गगन की मौत को लेकर पुलिस के खिलाफ महापंचायत का एलान कर दिया है। आज गगन के पत्ते (मृत्यु उपरांत होने वाली एक धार्मिक पूजा विधि) चुने जाने है। उस मौके पर कई जाट संगठन के नेता जुटेंगे। वहीं पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि जांच सही दिशा में नहीं की की गयी तो फिर पुलिस अधिकारियों के आवास व कार्यालय पर आत्मदाह करेंगे।

मेडिकल के सांईनगर में सीसीएसयू कर्मचारी देवेन्द्र सिंह के घर पहुंचे जिनके जवान छात्र बेटे गगन की चार दिन पहले संदिग्ध अवस्था में गोली लगने से मौत हो गयी। मेडिकल पुलिस इस मौत को सुसाइड साबित करने पर तुली है। लेकिन परिजनों के सवालों ने पुलिस की सोसाइट वाली थ्योरी पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार में मृतक के पिता देवेन्द्र व मां बबीता के अलावा भाई शिवम हैं। गगन के जाने के बाद माता पिता की हालात इस लायक नहीं कि ज्यादा बात करते। इसलिए भाई शिवम ने घटना को लेकर खुलकर बात की और पुलिस की अब तक की कार्रवाई को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया।

उन्होंने बताया कि जिस दिन यह घटना हुई उस दिन गगन रोज की भांति घर से स्कूटी लेकर भोपाल बिहार स्थित एक लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए निकला था। उसकी स्कूटी आज भी वहीं पर खड़ी है। बकौल पुलिस गगन शाम करीब साढे पांच बजे दो अन्य दोस्तों युवराज पुत्र भगवती निवासी थाना नौचंदी कैंपस व व्रतिक मावी के साथ उनकी बाइक पर भावनपुर के उस इलाके में गया जहां तथाकथित सोसाइट की बात कही जा रही है। जिन दो युवकों के साथ गगन गया था उनमें से युवराज के पिता भगवती पुलिस महकमे में दारोगा है और थाना जानी में तैनात हैं।

इससे पहले वो थाना नौंचदी में तैनात रहे हैं। उनका परिवार आज भी थाना नौचंदी कैंपस में रहता है। दूसरा व्रतिक मावी को लेकर कहा जा रहा है कि पॉलटिकले प्रेशर के चलते ही पुलिस उस पर हाथ नहीं डाल रही है। दो युवक जो घटना के वक्त मौजूद थे उनमें से एक का पिता दरोगा है और दूसरे युवक की फैमिली बैक ग्राउंड स्ट्रांग है। मृतक गगन के भाई का कहना है कि सबसे बड़ा सवाल वो तमंचा है जिससे सोसाइट की बात कही जा रही है।

जो कहानी तमंचे को लेकर पुलिस बता रही है यदि उसको सच भी मान लिय जाए तो जान देने के लिए जिससे तमंचा खरीदा क्या उससे पूछताछ नहीं की जानी चाहिए। यदि कोई शहर में तमंचे बेच रहा है क्या यह बात पुलिस के लिए गंभीर नहीं है। तमंचा मुहैय्या कराने वाले शख्स को पुलिस अभी तक क्यों सामने नहीं लायीं।

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