Tuesday, March 2, 2021
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कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष पद से विपिन सोढी की विदाई

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जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कैंट बोर्ड की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया। पांच सदस्यों ने मिलकर वर्तमान उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी को अविश्वास प्रस्ताव पारित कराकर पद से हटा दिया। बताया जा रहा है कि इस फैसले के खिलाफ विपिन सोढ़ी हाईकोर्ट की शरण में चले गए हैं।

अध्यक्ष ब्रिगेडियर अर्जुन सिंह राठौर ने बोर्ड के छह सिविल सदस्यों की की ओर से दिए गए उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बोर्ड अध्यक्ष द्वारा बुलाई गई विशेष बोर्ड बैठक में उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी के खिलाफ लाये गए प्रस्ताव को बैठक में पहुंचे पांच सिविल सदस्यों की सहमति से पारित कर दिया गया।

हस्ताक्षर करने वाले सदस्यों में मंजू गोयल बैठक में शामिल नहीं हुई। धर्मेंद्र सोनकर और विपिन सोढ़ी भी बैठक में उपस्थित नहीं हुए। ये दोनो पार्षद भारतीय जनता पार्टी के महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल के साथ बैठक में मौजूद थे।

असमंजस में देर से प्रारंभ हुई बैठक

बोर्ड बैठक को लेकर अधिकारियों में भी कुछ असमंजस लगा जिस कारण बोर्ड बैठक विलंब से शुरू हुई। क्योंकि विपिन सोढ़ी द्वारा इस बैठक की विषयवस्तु को लेकर उच्च न्यायालय में एक रिट दाखिल की बात उठ गई थी। थोड़ी देर विचार के बाद सदस्यों के आग्रह करने पर बैठक शुरू हुई।

बोर्ड बैठक में मुख्य अधिशासी अधिकारी नवेंद्र नाथ द्वारा सदस्यों को अविश्वास प्रस्ताव पढ़कर सुनाया गया जिसका उपस्थित सदस्यों द्वारा समर्थन किया गया। वहीं छह सदस्यों में से पांच सदस्य ही बैठक में उपस्थित हुए। इन्ही पांच सदस्यों की उपस्थिति को बहुमत मानते हुए उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया गया।

मंजू गोयल की रहस्यमयी अनुपस्थिति

वार्ड-छह की सदस्य मंजू गोयल बोर्ड कार्यालय तो आईं, लेकिन बोर्ड बैठक में उपस्थित नहीं हुईं। बोर्ड बैठक प्रारंभ होते ही ये कहते हुए के वो बाहर बैठीं है। उन्हें बुलाया गया, लेकिन बुलाने गए बोर्ड कर्मचारी ने बताया के मंजू गोयल बोर्ड कार्यालय से जा चुकी हैं। अब मंजू गोयल अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने के बावजूद बोर्ड बैठक में क्यों उपस्थित नहीं हुई इससे सियासत में रहस्य तो बन ही गया।

22 फरवरी को होगा चुनाव

कैंट बोर्ड में उपाध्यक्ष का पद रिक्त होने के कारण अब कैंट ऐक्ट में वर्णित चार दिन की समय सीमा के उपरांत नए उपाध्यक्ष के लिए चुनाव होगा। ये चुनाव 22 फरवरी को होने के आसार हैं।

असंवैधानिक है बोर्ड का प्रस्ताव: विपिन सोढी

विपिन सोढ़ी ने बोर्ड के उक्त प्रस्ताव को असंवेधानिक बताते हुए कहा के अविश्वास के लिए पांच नहीं बल्कि छह सदस्य बोर्ड में रहने आवश्यक हैं। उन्हें पता चला है के बोर्ड अध्यक्ष ने पांच सदस्यों की उपस्थिति को पर्याप्त मानते हुए अविश्वास प्रस्ताव पास हुआ मान लिया जो बिल्कुल गलत और असंवेधानिक हैं।

विपिन सोढ़ी ने बोर्ड अध्यक्ष और सी ई ओ पर उक्त प्रकरण में मिलीभगत करने का भी आरोप लगाया और कहा कि अपने हित साधने के लिए उनके खिलाफ साजिश रची गयी है। सबको कोर्ट में जवाब देना होगा। ये पूछने पर के आप बैठक में शामिल क्यों नहीं हुए तो उन्होंने कहा के वो भारतीय जनता पार्टी द्वारा घोषित कैंट बोर्ड के उपाध्यक्ष हैं और उक्त विषय को लेकर पार्टी के महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल द्वारा आहुत की गई एक आपात बैठक में सदस्य धर्मेंद्र सोनकर के साथ पार्टी कार्यालय गए हुए थे। बाकी कोई सदस्य नहींं पहुंचे।

अब सही से चलेगा बोर्ड बोले-अनिल जैन

सदस्य अनिल जैन ने प्रस्ताव पारित होने के उपरांत बोर्ड अध्यक्ष को सम्बोधित करते हुए कहा के नए उपाध्यक्ष के चुने जाने के बाद बोर्ड भी नई ओर सार्थक सोच के साथ अधिकारियों की सहभागिता की मानसिकता के साथ चलाया जाएगा। जिससे कर्मचारियों और जनता दोनों के हित की बात हो सकेगी।

ये हुए बैठक में शामिल

बोर्ड बैठक में बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर अर्जुन सिंह राठौर सीईओ नवेंद्र नाथ आर्मी सदस्य काशी विश्वनाथ जीई साउथ एनए मैतेई व सिविल सदस्यों में रिनी जैन बुशरा कमाल बीना वाधवा नीरज राठौड़ अनिल जैन व कार्यालय अधीक्षक जयपाल तोमर शामिल हुए।

भाजपा सदस्यों ने व्हिप को दिखाया ठेंगा, भाजपा महानगर अध्यक्ष बोले-अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी

कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया और भाजपा महानगर अध्यक्ष व्हिप का दावा करते रहे। जिस तरह से पांच सदस्यों ने उपाध्यक्ष के खिलाफ वोटिंग की उससे साफतौर पर जाहिर हो गया कि पार्षदों ने पार्टी के व्हिप को खुलकर ठेंगा दिखा दिया। अब महानगर अध्यक्ष का कहना है कि चार सदस्यों को अनुशासनात्मक कार्यवाही का नोटिस भेजा जाएगा और अगर दोष साबित हो गया तो पार्टी से भी निकाला जा सकता है।

महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल ने बताया कि पार्टी के सदस्यों को व्हिप जारी किया गया था कि उपाध्यक्ष के खिलाफ वोट न करें और उनके कार्यालय में होने वाली बैठक में शामिल हों लेकिन सिर्फ विपिन सोढ़ी और धर्मेंद्र सोनकर के अलावा कोई भी बैठक में मौजूद नहीं हुआ।

महानगर अध्यक्ष ने बताया कि रिनी जैन, अनिल जैन, बीना बाधवा और नीरज राठौड़ ने पार्टी के आदेशों का उल्लंघन किया है और इस कारण उनको अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिये नोटिस जारी किया जाएगा। कहा कि अगर विपिन सोढ़ी हाईकोर्ट जाते हैं तो इसमें पार्टी का कोई रोल नहीं है।

सुनील बाधवा की रणनीति सफल रही

जिस दिन से पूर्व उपाध्यक्ष बीना बाधवा को हटाकर विपिन सोढ़ी को उपाध्यक्ष बनाया गया था तभी से सुनील बाधवा ने रणनीति बनानी शुरु कर दी थी कि किसी तरह से विपिन सोढ़ी को हटा कर फिर से बीना बाधवा को उपाध्यक्ष बनाया जाए।

सूत्रों ने बताया कि बीना बाधवा की भाजपा में एंट्री भी मुकेश सिंघल ने कराई थी। अब जब विपिन सोढी की उपाध्यक्ष पद से विदाई हो गई है ऐसे में बीना बाधवा की उम्मीदें बढ़ गई है।

विपिन सोढी गए हाईकोर्ट की शरण में

कैंट बोर्ड बैठक में सीईओ नवेंद्र नाथ द्वारा सभी सदस्यों को सूचित किया गया कि उक्त बैठक के विषय के संदर्भ में एक रिट पिटीशन हाईकोर्ट में विपिन सोढ़ी द्वारा दाखिल किए जाने की सूचना उन्हें कैंट बोर्ड के हाईकोर्ट के अधिवक्ता उदित चन्द्रा से प्राप्त हुई है। जिसे उनके द्वारा बोर्ड को नोट करने के लिए रखा जा रहा है।

इस पर सदस्य अनिल जैन ने कहा कि कोई स्टे या अंतरिम आदेश तो हाईकोर्ट द्वारा नहीं किये गए। जिस पर सीईओ ने कहा कि ऐसा कुछ उनकी जानकारी में नहीं है। बाद में विपिन सोढ़ी ने बताया कि उन्होंने हाईकोर्ट में रिट दाखिल की है।

कोर्ट का आदेश मान्य होगा: बोर्ड अध्यक्ष

बोर्ड बैठक में बोलते हुए बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर अर्जुन सिंह राठौर ने कहा कि अगर हाईकोर्ट उक्त विषय में कोई आदेश देता है तो वो बोर्ड को मान्य होगा और वो सत्य और कानून के साथ हमेशा रहेंगे।

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