- पीएम आवास: भाजपा के कैंट विधायक अमित अग्रवाल बोले-डीएम से जांच कराकर कंपनी को कराया जाएगा ब्लैकलिस्ट
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पीएम आवास योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट हैं। इस प्रोजेक्ट पर कितनी ईमानदारी से काम हो रहा हैं, यह जानने के लिए ‘जनवाणी’ ने ग्राउंड स्तर पर छानबीन की। जिन 11 लाभार्थियों को सरकार भुगतान कर चुकी हैं, उनको देखा तो वास्तविकता एक दम अलग थी। मौके पर एक प्लाट मिला, जिस पर जियो टैग चार से पांच की गई। जियो टैग के नंबर भी ‘जनवाणी’ के पास मौजूद हैं।
इसमें इतना घालमेल किया गया। सरकारी धनराशि का कैसे दुरुपयोग किया, यह इसका जीता जागता उदाहरण हैं। प्लाट एक और लाभार्थी पांच। मकान कहीं नहीं बना और पांच लाभार्थियों को भुगतान भी कर दिया गया। इसकी जांच भी कई स्तर पर सरकारी दस्तावेज में दर्शायी गयी। ये कोई चूक नहीं, बल्कि जानबूझकर सरकार को क्षति पहुंचाई गयी। इसमें पूरे रैकेट में कंपनी वॉपकोस कंपनी भी संलिप्त हैं।

जब कंपनी को इसकी जानकारी थी तो फर्जी भुगतान लेने वालों से भुगतान वापस क्यों नहीं लिया गया? फर्जी भुगतान लेने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज क्यों नहीं कराई गयी? इस पूरे प्रकरण को ही दबा दिया गया। इस पूरे प्रकरण को दबाने में कंपनी ने क्यों रुचि ली। जब कंपनी को पता था तो इस पूरे मामले पर लीपापोती क्यों की गई? इससे स्पष्ट है कि वापकोस कंपनी ही तमाम फर्जीवाड़े करा रही हैं,
जिसके चलते इस तरह से फर्जी लाभार्थी तैयार किये जाते हैं और फिर उनको भुगतान भी कर दिया जाता हैं। पात्र लोग मकान बनवाने के लिए डूडा के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनको मकान बनाकर नहीं दिया जा रहा हैं, लेकिन ऐसे एक ही प्लाट पर पांच लोगों को कैसे लाभ दे दिया गया। हो न हो इसमें बड़ा खेल कंपनी के द्वारा ही किया गया, जिसके चलते इस पूरे प्रकरण पर लीपापोती की जा रही हैं।
प्रभारी मंत्री नंद गोपाल नंदी के सामने भी ये शिकायत पहुंची हैं। उन्होंने भी इसका संज्ञान लेते हुए जांच कराकर वॉपकोस कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की बात कहीं हैं। दरअसल, इससे पहले भी आरईपीएल कंपनी ने भी व्यापक स्तर पर पीएम आवास योजना में धांधली की थी, जिसके चलते तत्कालीन डीएम अनिल ढींगरा ने आरईपीएल कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया। इसके बाद ही वॉपकोस कंपनी की एंट्री मेरठ में हुई थी, लेकिन इस कंपनी ने भी वैसा ही किया।

बिना जांच पड़ताल के कैसे फर्जी लाभार्थियों को दो-दो लाख देकर लाभान्वित कर दिया, यह बड़ा सवाल हैं। इसकी जांच कराई जाए तो फर्जी आधार कार्ड पर भी पीएम आवास योजना का कुछ लोगों ने लाभ लिया हैं, जांच में तमाम तथ्य सामने आ सकते हैं, जिसमें निश्चित रूप से वॉपकोस कंपनी की सीधे गर्दन फंस सकती हैं।
उधर, भाजपा कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने कहा है पीएम आवास में वॉपकोस कंपनी ने बड़ा फर्जीवाड़ा किया हैं, जिसकी शिकायत डीएम से की जाएगी तथा इस कंपनी को ब्लैकलिस्ट कराया जाएगा। फर्जी तरीके से मकानों की किश्त लेकर सरकारी खजाने को चोट पहुंचाने के सबूत उन्हें मिले हैं, जिनको डीएम को दिया जाएगा।

