Friday, June 14, 2024
- Advertisement -
HomeUttar Pradesh NewsMeerutआखिर कार्रवाई से क्यों बच रहे अधिकारी?

आखिर कार्रवाई से क्यों बच रहे अधिकारी?

- Advertisement -
  • पीएम आवास के 49 मकानों का है मामला
  • 49 लोगों के बैंक खाते में डबल पैसा भेज दिया गया था, अब भी पूरी रिकवरी नहीं

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गरीबों को आवास देने का ड्रीम प्रोजेक्ट है, इस प्रोजेक्ट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद गंभीर है, लेकिन सरकारी सिस्टम इतना लचर है कि कितनी भी बड़ी गलती सरकारी स्तर पर कर दी जाए, फिर भी कार्रवाई नहीं की जाती है। हाल ही में 49 लोगों के बैंक खातों में पीएम आवास की डबल किश्त भेज दी गई।

कुछ लोगों ने यह धनराशि बैंक में जाकर निकाल भी ली। इसके बारे में डूडा के अधिकारियों को पता भी नहीं चलता, लेकिन शुक्र है पीएम आवास का लाभ लेने वाले कुछ ईमानदार पात्र लोगों का जिन्होंने डूडा के आॅफिस पहुंचकर कहा कि उनके बैंक खाते में गलती से डबल किश्त भेज दी गई है। जब इसका पता लगा तो परियोजना अधिकारी और अन्य कर्मचारियों के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई।

इसके बाद ही आनन-फानन में बैंक को पत्र भेजकर बैंक खातों को सील किया गया, लेकिन जब तक बहुत देर हो चुकी थी। करीब 30 लोगों ने बैंक से पैसा निकाल चुके थे। अब बड़ा सवाल यह है कि डूडा के जिस सीएलटीसी की चूक के चलते सरकारी धन की बंदरबांट हुई है, उसकी सीएलटीसी पर आखिर आला अधिकारी क्यों मेहरबान बने हुए हैं? क्या इस गलती के बाद भी सीएलटीसी की पीठ थपथपाई जा रही है।

15 7

सीएलटीसी की इस मामले में जांच भी क्यों नहीं कराई गई? जांच में यह बात भी स्पष्ट हो जाती है कि कहीं जानबूझकर कुछ लोगों से सेटिंग कर यह पैसा तो डबल नहीं दिया गया? इसकी भी जांच होनी चाहिए थी, मगर आला अफसरों ने अपनी गर्दन बचाने के लिए पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। हालांकि कमिश्नर कुमारी सेल्वा जे ने इस प्रकरण को भी गंभीरता से लिया था तथा डूडा के परियोजना अधिकारी को तलब कर पीएम आवास से संबंधित कई मुद्दों को लेकर फटकार भी लगाई।

क्योंकि डूडा के अधिकारी अभी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि 2 साल से जिनको पात्र मान लिया गया है, उनकी धनराशि खातों में नहीं भेजी जा रही है। दुस्साहस तो देखिए कि सरधना के पूर्व विधायक संगीत सोम ने भी लिखित में कमिश्नर को शिकायत की ओर जिन लोगों के खातों में पैसा पहुंचना चाहिए था, वह नहीं डाला गया। इसको लेकर पूर्व विधायक संगीत सोम ने सख्त नाराजगी व्यक्त की और तत्काल पैसा डालने के लिए कहा गया।

यही नहीं, महत्वपूर्ण बात यह है कि सूडा से कई बार पैसा लोगों के खातों में डालने के लिए आया, लेकिन धनराशि नहीं डाली गई। इतना बड़ा खेल इसमें चल रहा है, जिसको लेकर पूर्व विधायक संगीत सोम कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन फिर भी डूडा के अधिकारी के कानों पर जूं नहीं चल रही है। अब इस पूरे प्रकरण की जांच भी नहीं कराई गयी। लोगों के खातों में डबल किश्त क्यों और कैसे भेज दी गई? उस पर कार्रवाई करने की बजाय मेहरबानी क्यों की जा रही है? इसमें सीएलटीसी को सीट से भी नहीं हटाया गया।

What’s your Reaction?
+1
0
+1
3
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
- Advertisement -

Recent Comments