Tuesday, May 28, 2024
- Advertisement -
HomeUttar Pradesh NewsMeerutयाकूब, इमरान और फिरोज दूसरी जेल शिफ्ट

याकूब, इमरान और फिरोज दूसरी जेल शिफ्ट

- Advertisement -
  • देर रात बैरकों से निकाल कर रवाना किया सोनभद्र, सिद्धार्थ नगर और बलरामपुर जेल

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: गैंगस्टर के आरोप में चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में बंद पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी और उनके दोनों बेटों को सोमवार देर रात को प्रदेश की तीन अलग-अलग जेलों में स्थानांतरित कर दिया गया। शासन स्तर से लिए गए निर्णय के बाद याकूब कुरैशी को मेरठ जेल से सोनभद्र जेल भेजा गया है। वहीं इमरान को सिद्धार्थनगर जेल और छोटे बेटे फिरोज को बलरामपुर जेल भेजा गया है। यह पूरी कार्रवाई बड़े ही गुपचुप ढंग से की गई।

जेल कारागार के जेल अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि करीब 9 माह से फरार चल रहे पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी और उनके बेटे इमरान पर 50-50 हजार रुपये का इनाम पुलिस ने घोषित किया हुआ था। पूर्व मंत्री और उनके बेटे इमरान को पुलिस ने दिल्ली से 7 जनवरी को गिरफ्तार किया था। याकूब कुरैशी और इमरान को मेरठ जेल में लाया गया था। जबकि, उससे पूर्व में उनके फरार चल रहे एक बेटे को पुलिस ने गाजियाबाद से गिरफ्तार किया था। पूर्व मंत्री याकूब और उनके बेटे इमरान 7 दिसंबर को जेल आए थे। दस दिन यहां रहे हैं।

22 9

जेल अधीक्षक ने कहा कि जब तक याकूब और उनके बेटे यहां रहे हैं, उनका व्यवहार सामान्य रहा है। जेल अधीक्षक का कहना है कि हो सकता है कि क्योंकि यह लोग लोकल हैं दवाब बनाते या हो सकता है कि अवैध मुलाकात कराने का प्रयास करते। इस कारण से इन्हें अन्यंत्र कारागारों में स्थानांतरित कराने का आदेश दिया था। एसएसपी रोहित सिंह सजवान ने कहा कि शासन स्तर पर याकूब कुरैशी को लेकर गोपनीय रिपोर्ट भेजी थी। उसी आधार पर याकूब और उनके बेटों को दूसरी जेल में शिफ्ट किया गया है।

जेल में रुतबा दिखाना महंगा पड़ा याकूब के परिवार को

अलफहीम मीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में गैर कानूनी तरीके से मीट पैकेजिंग करने के कारण कोप का शिकार हुए पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी और उनके परिवार के खिलाफ प्रशासन ने न केवल गैंगस्टर के तहत कार्यवाही की बल्कि दस महीने तक फरारी में रहने को मजबूर कर दिया था। पुलिस ने याकूब कुरैशी और बेटे इमरान कुरैशी को दिल्ली के चांदनी महल इलाके से गिरफ्तार कर जेल भेजा था जबकि नवंबर महीने में फिरोज कुरैशी ससुराल से गिरफ्तार हुआ था। जेल में रुतबा दिखाते हुए मुलाकातियों की बढ़ती संख्या को लेकर शासन ने याकूब कुरैशी को सोनभद्र, इमरान को सिद्धार्थनगर व फिरोज को बलरामपुर जेल में भेज दिया है।

अब पूरा परिवार एक दूसरे को बिना देखे जेल में वक्त गुजारेगा। वरिष्ठ जेल अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी और उनके दोनों बेटों को दूरदराज जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। जेल अधीक्षक का कहना है कि सोमवार देर रात पूर्व मंत्री और बेटों को पुलिस सुरक्षा में प्रदेश की अलग-अलग जेलों में शिफ्ट कर दिया गया है। पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के सिर पर भले ही 50 हजार का इनाम था, लेकिन उनका रुतबा कम नहीं था। जेल में मिलने वालों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए उन्हें सोनभद्र जेल शिफ्ट कर दिया गया है। एसएसपी रोहित सिंह सजवान का कहना कि तीन दिन पहले शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। जिस कारण शासन के आदेश के अनुसार तीनों पिता-पुत्र को अलग-अलग जिलों में शिफ्ट कर दिया गया है।

21 9

याकूब कुरैशी और उसके दोनों बेटों को दूसरी जेलों में शिफ्ट करने की कार्रवाई बहुत ही गोपनीय रखी गई थी। इसकी जानकारी याकूब कुरैशी और उसके दोनों बेटों को भी नहीं दी गई थी। रात में 11 बजे तीनों को जब बैरक से बाहर निकाला गया और अलग-अलग वाहनों में बैठाकर रवाना किया तो पता चला कि उनको दूसरी जेलों में शिफ्ट किया गया है। परिवार के लोगों का पता चल पाता कि तीनों को रातों-रात दूसरी जेल में भेज दिया गया, इमरान की पत्नी अपनी बच्ची के साथ एसएसपी से मिली। उसने कहा कि उनके पति को दूरदराज जेल में न भेंजें, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। याकूब कुरैशी 31 मार्च 2022 से फरार चल रहा था।

इमरान की पत्नी एसएसपी से मिली

मंगलवार की सुबह जैसे ही पता लगा कि याकूब का परिवार दूसरी जेलों में शिफ्ट किया गया है तभी इमरान की पत्नी अपने दो साल के बेटे को लेकर एसएसपी से मिली और मदद की गुहार लगाई। एसएसपी ने कहा कि जो भी कारवाई हुई है वो शासन स्तर पर हुई है।

याकूब को जगाया तो बोला कहां ले जा रहे

जेल में रात 10 बजे के करीब जब याकूब को अस्पताल में सोते हुए जगाया तो बोला अब क्या कारण है जो मुझे बाहर भेजा जा रहा है। मेरे बेटे कहां है मुझे मिलवा दो अल्लाह के वास्ते। इमरान ने पापा को सहारा दिया और पूछा दावा सारी रख ली की नहीं।

What’s your Reaction?
+1
0
+1
2
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
- Advertisement -

Recent Comments