Wednesday, April 1, 2026
- Advertisement -

कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए युवा तेजी से करा रहे पंजीकरण

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कोविड-19 का संक्रमण तीव्र गति से पैर पसार रहा है। संक्रमण की चेन को ब्रेक करने के लिए शासन द्वारा अब विभिन्न प्रकार के प्रयास किए जा रहे है। ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में साप्ताहिक तीन दिन का लॉकडाउन भी लगा दिया गया है।

वहीं दूसरी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवाह्नन पर एक मई शनिवार से 18 साल से ऊ पर के लोगों के वैक्सीनेसन अभियान की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवाह्न के पश्चात संक्रमण से बचाव के लिए युवा भी तेजी से वैक्सीन लगवाने के लिए पंजीकरण करा रहे है। लेकिन पंजीकरण कराने वाले आवेदकों को अभी तक कहा पर उनके वैक्सीन लगेगी। इसकी जानकारी नहीं आ रही हैं।

23 5

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा था कि कोरोना संक्रमण की चेन को ब्रेक करने के लिए कोविड-19 वैक्सीनेसन के लिए टीका अभियान चलाया जाएगा। जिसमें 18 साल ऊपर के युवाओं के वैक्सीन नि:शुल्क लगायी जाएगी।

शासन के निर्देश के पश्चात उत्तर प्रदेश सरकार भी यूपी में जिन जिलों में अधिक संक्रमण है, वहां पर युवाओं के वैक्सीन लगाने के बात कर रही है। मगर पंजीकरण वाली साइट पर शुक्रवार शाम छह बजे तक भी सिर्फ 45 साल तक लोगों को ही वैक्सीन लगाने की परमिशन दी जा रही है। जिससे युवा परेशान हैं।

इनका क्या कहना है

रोहित आंनद ने कहा कि वह कोविड-19 से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाने को लेकर उत्साहित है। इसके लिए उन्होंने पंजीकरण भी करा लिया है। लेकिन उन्हें समय एवं स्थान नहीं मिला है। आगे की प्रक्रिया में लिखा आता है, कि अभी सिर्फ 45 साल से ऊपर के ही लगेगी।

दीपक कुमार ने बताया कि जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने घोषणा की थी कि 18 साल से ऊ पर के युवाओं के एक मई से वैक्सीन लगेगी। तभी उन्होंने अपने सभी दोस्तों से पंजीकरण कराने के लिए बोल दिया था। लेकिन समय एवं समय ना मिलने के कारण उन्हें अब निराशा है।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

आप बुरी लतों के शिकार तो नहीं

भाषणा बांसल अधिकांश लोग चाय, कॉफी का सेवन करते हैं...

संभव है स्तन कैंसर से बचाव

रूबी महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के बाद स्तन...

दौलत और शोहरत मिली है बहुत

जंगल की आग लहू के फूल बहुत खिल चुके!...

डिजिटल जनगणना की ऐतिहासिक शुरुआत

भारत जैसे विशाल और विविधताओं से भरे देश में...

एक राजनीतिक बहस का अंत

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कर दिया...
spot_imgspot_img