- सिद्धचक्र महामंडल विधान का दूसरा दिन
जनवाणी संवाददाता |
बिनौली: श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र बरनावा की तपोभूमि में अष्टह्निका महापर्व के उपलक्ष्य में चल रहे नो दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान के दूसरे दिन शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर भगवान को 16 श्रीफल समर्पित किए।
ब्रह्मचारी पंडित प्रदीप पीयूष शास्त्री ने कहा कि सिद्धचक्र महामंडल विधान में प्रतिदिन डबल डबल श्रीफल समर्पित किए जाते है। इस विधान को वैसे तो इंद्रलोक ही संपन्न करते हैं परंतु मनुष्य के लिए यह बड़े द्वार के समान होते हैं अनादि निधन यह पर्व जैन दर्शन की मुख्य पहचान है।
यह जिनेंद्र भगवान की पूजा अर्चना ही संसार के दुखों को कष्टों को नष्ट करने के लिए यह अनुपम के समान है, संसार के वैभव को दिलाने के लिए कल्पवृक्ष के क्षेत्र स्थित सिद्धचक्र महामंडल विधान में जो मनुष्य सच्चे मन से भगवान चंद्रप्रभ की भक्ति करता है।
उसकी प्रत्येक मनोकामनाएं शीघ्र ही पूर्ण होती है। विधान में ,अचल कुमार जैन,मनीष जैन, मधुर जैन, सरिता जैन,कृषणा जैन, बादामी जैन, मुकेश जैन, संदीप जैन आदि शामिल रहे।

