- इमरजेंसी के मरीजों के लिए शासन स्तर से है मुफ्त जांच की सुविधा
- निजी लैब उठा रही फायदा, मरीजों के हक पर डाल रही डाका
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सरकार द्वारा मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती मरीजों की जांच की मुफ्त सुविधा है, लेकिन इसका लाभ मरीजों से ज्यादा निजी लैब उठा रही है। यह लैब मेडिकल की इमरजेंसी स्टैंप लगाकर अपने सैंपलों की जांच करा रही है और मेडिकल प्रशासन को चूना लगा रही है।
मेडिकल की इमरजेंसी में मरीजों की जांच के लिए सरकार पूरी सुविधा देती है। इसके अनुसार मरीजों को मिलने वाली मुफ्त जांच सुविधा में मरीज के सैंपल के साथ डाक्टर द्वारा लिखी गई पर्ची पर इमरजेंसी की मुहर लगी होनी चाहिए। इस मुहर के जरिए मरीजों की जांच मेडिकल में मुफ्त होती है, या बेहद कम कीमतों पर उपलब्ध है, लेकिन निजी लैबों के कर्मचारी इस स्टैंप का गलत लाभ लेकर मुफ्त जांच करा रहे हैं और इसके बदले अपने यहां आने वाले मरीजों से पैसे वसूल रही है।
मेडिकल में खुले में रखी रहती है मुहर
इमरजेंसी में बने काउंटर पर इमरजेंसी की मुहर खुले में रखी रहती है, इस स्टैंप को कोई भी जांच पर्ची पर लगाकर मेडिकल में जांच करा सकता है। इसी बात का फायदा उठाते हुए निजी लैब खेल कर रही है। पर्ची पर मुहर लगने के बाद मेडिकल में जांच मुफ्त कराते हुए मरीजों के हक पर डाका डाला जा रहा है। सरकार मुफ्त जांच की सुविधा केवल उन मरीजों को देती है, जो मेडिकल में इलाज के लिए भर्ती होते हैं। जबकि निजी लैब अपने यहां आने वाली जांचों को मेडिकल में कराकर लाभ ले रही है।
सरकारी योजना का लाभ उठाकर होता है खेल
निजी लैबों द्वारा अपने सैंपलों की जांच मेडिकल में कराने के बाद जांच रिपोर्ट में अपने लेटर हेड का प्रयोग करती है। यानी बिना मरीज को मेडिकल में भर्ती कराए जांच कराई जा रही है। यहां तक कि निजी लैबों में टेस्ट कराने का झांसा देकर मरीजों से पैसे की वसूली कर रही है।
निजी लैब मेडिकल की जांच रिपोर्ट पर लगाती है अपना ठप्पा
इमरजेंसी की मुहर लगने के बाद जो जांच की जाती है। उसके आधार पर निजी लैब अपनी रिपोर्ट तैयार करती है और अपने यहां आने वाले सैंपल की रिपोर्ट तैयार करती है। निजी लैब इसके बदले मोटा पैसा वसूलती है।

