जनवाणी ब्यूरो
नई दिल्ली: देशभर में सादगी के साथ गणेश चतुर्थी यानि की भगवान गणेश का जन्मोत्सव मनाने की तैयारी की गई है। आज सूर्यास्त के साथ ही श्रद्धालुओं द्वारा भगवान शिव की मूर्ति स्थापना की जाएगी। अबकी बार लोगों ने भगवान गणेश और मां रिद्धि-सिद्धि की इको-फ्रैंडली मूर्तियां स्थापित करने पर जोर दिया है।
कोविड-19 के संक्रमण काल में इस बार सार्वजनिक गणेश उत्सव का आयोजन नहीं किया जा रहा है। लेकिन बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में ही गणेश की प्रतिमा स्थापित कर रहे हैं।
पिछले एक हफ्ते से ही लोग बाजार से गणेश की प्रतिमाएं खरीद कर घर ले जा रहे थे। लेकिन बीच में बुधवार और बृहस्पतिवार को दिनभर बरसात हुई, शुक्रवार को दिन में बारिस से राहत थी तो बड़ी संख्या में लोगों ने बाजार की
तरफ किया।
मेहरौली में सड़क के किनारे मूर्तियां बेचने बैठे सोनू ने बताया कि इस साल पानी वाले रंग से निर्मित मूर्तियां ही बेच रहे हैं। ग्राहक भी पीओपी से निर्मित मूर्तियां नहीं मांग रहे हैं। इनके पास 150 रुपए से लेकर 11 हजार रुपए कमत तक की इको-फ्रैंडली मूर्तियां उपलब्ध हैं।
गणेश चतुर्थी पर्व का शुभ मुहूर्त
भाद्रपद माह शुक्लपक्ष की चतुर्थी तिथि 21 अगस्त की रात 11.02 बजे लग रही है। जो कि 22 अगस्त को रात 07.56 बजे तक रहेगी। चतुर्थी तिथि के दौरान गणपति की प्रतिमा को स्थापित करना शुभ होगा। इसके बाद दस दिनों तक नियमित पूजा पाठ के बाद भाद्रपद माह शुक्लपक्ष चतुर्दशी तिथि यानि 1 सितम्बर को गणपति का विसर्जन किया जाएगा।


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