जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: भारत की निकहत जरीन ने तुर्की के इस्तांबुल में महिला विश्व चैंपियनशिप में 52 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीत लिया है। उन्होंने गुरुवार (19 मई) को फ्लाईवेट फाइनल में थाईलैंड की जितपोंग जुटामेंस पर जीत हासिल की। 25 साल की जरीन पूर्व जूनियर यूथ वर्ल्ड चैंपियन हैं।
फाइनल में अपने थाई प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ उन्होंने शानदार लड़ाई लड़ी और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वो टूर्नामेंट में स्वर्ण जीतने वाली पांचवीं भारतीय महिला बन गईं। उनसे पहले दिग्गज एम सी मैरीकॉम ने 2002, 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018 में खिताब जीते थे। इसके अलावा 2006 में सरिता देवी, जेनी आर एल और लेखा केसी ने अपने-अपने भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीता था।
Congratulations to @nikhat_zareen for winning the Gold medal at the Women's World Boxing Championships.
India is proud of your achievement. Best wishes for your future endeavours. https://t.co/nDL69tZvcK
— Amit Shah (@AmitShah) May 19, 2022
जरीन मुकाबले के दौरान बेहतरीन फॉर्म में थीं। उन्होंने अपने तकनीकी कौशल का इस्तेमाल किया और अपने फुर्तीले पैर वाले प्रतिद्वंद्वी को पछाड़ने के लिए कोर्ट को अच्छी तरह से कवर किया। निकहत पहले दौर में सभी जजों को प्रभावित करने में सफल रहीं। उन्होंने थाई मुक्केबाज की तुलना में कहीं अधिक मुक्के मारे। दूसरा दौर कड़ा था और जितपोंग जुटामेंस ने इसे 3-2 से जीत लिया। फाइनल राउंड में निकहत ने प्रतिद्वंद्वी को बुरी तरह धोया और फैसला उनके पक्ष में सर्वसम्मति (5-0) से आया। इससे पहले सेमीफाइनल में जरीन ने ब्राजील की कैरोलिन डी अल्मेडा के खिलाफ 5-0 से जीत हासिल की थी।
Yes, the greatest feeling in the entire world. Indian National Anthem with the Indian Flag above all, courtesy Nikhat Zareen. #Boxing #WorldChampion pic.twitter.com/6XXKLLl7OV
— Sayak Dipta Dey (@sayakdd28) May 19, 2022
चार साल बाद भारत को मिला स्वर्ण
भारत की ओर से 12 सदस्यीय टीम ने हिस्सा लिया था। भारत ने चार वर्ष के बाद स्वर्ण पदक हासिल किया है। इससे पहले 2018 में एम सी मैरीकॉम ने जीता था। निकहत के लिए यह साल शानदार रहा है। इससे पहले उन्होंने फरवरी में स्ट्रेंटजा मेमोरियल में स्वर्ण पदक जीता था। वह ऐसा करने वालीं पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बनी थीं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने निकहत को बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट किया, ”महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने पर निकहत जरीन को बधाई। भारत को आपकी उपलब्धि पर गर्व है। आपके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।”
मनीषा और प्रवीण को कांस्य पदक
जरीन के स्वर्ण पदक के अलावा मनीषा मौन (57 भारवर्ग) और पहली बार विश्व चैंपियनशिप में खेल रही प्रवीण हुड्डा (63 भारवर्ग) ने कांस्य पदक अपने नाम किया। इन दोनों को सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। 2019 में रूस में आयोजित टूर्नामेंट के पिछले संस्करण में भारतीय मुक्केबाजों ने एक रजत और तीन कांस्य पदक जीते। भारत ने टूर्नामेंट के अब तक के 11 संस्करणों में नौ स्वर्ण, आठ रजत और 19 कांस्य सहित 36 पदक जीते हैं। इस मामले में रूस (60 पदक) और चीन (50 पदक) ही आगे है।

