- रक्षा महानिदेशक ने सौंपी जांच, जांच रिपोर्ट के बाद इंजीनियरों पर गिर सकती है कार्रवाई की गाज
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कैंट क्षेत्र में अवैध निर्माण समेत कई मामलों की जांच पड़ताल करने के लिए रक्षा महानिदेशक अजय शर्मा ने निदेशक डीएन यादव को सोमवार को मेरठ भेजा है। डीएन यादव वर्तमान में लखनऊ में निदेशक के पद पर तैनात है। उनकी तैनाती सीईओ मेरठ छावनी के पद पर भी रह चुकी है। उनकी गिनती बड़े तेज तर्रार अधिकारी के रूप में होती रही है।
अब वह कैंट क्षेत्र में अवैध निर्माणों की जांच पड़ताल करने के लिए आ रहे हैं। अवैध निर्माण को लेकर इंजीनियरों पर गाज गिर सकती है। कहा जा रहा है कि दो दर्जन से ज्यादा बड़े अवैध निर्माण कैंट क्षेत्र में किए गए थे, जिनकी शिकायत होने के बाद ही रक्षा महानिदेशक ने डीएन यादव को लखनऊ से जांच पड़ताल करने के लिए मेरठ भेजा है। सुबह वह मौके पर जाकर जांच पड़ताल करेंगे तथा जिन लोगों ने शिकायत की है, उनसे भी बातचीत करेंगे।
दरअसल, अवैध निर्माण को लेकर लंबे समय से कैंट क्षेत्र में इंजीनियरों पर उंगली उठ रही है, जिसको लेकर कोई कार्रवाई अधिकारियों ने नहीं की है। इसी वजह से अब जो जांच पड़ताल होगी उसमें यह स्पष्ट हो जाएगा कि कैंट क्षेत्र में कितने अवैध निर्माण हुए? अवैध निर्माण के मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई? क्या अवैध निर्माण को लेकर भ्रष्टाचार हुआ है? क्योंकि पहले ही कैंट बोर्ड के इंजीनियरों पर अवैध निर्माण को लेकर अंगूली उठती रही है। अब डीएन यादव की जांच रिपोर्ट पर बहुत कुछ निर्भर करेगा।
जब से रक्षा महानिदेशक अजय शर्मा के आदेश पर जांच टीम कैंट बोर्ड में आ रही हैं, तभी से इंजीनियरों में हड़कंप बना हुआ हैं। दशहत है कि आखिर जांच पड़ताल में क्या होने वाला हैं? क्योंकि अवैध निर्माण तो मौके पर दिखाई देते हैं, उनको कैसे गिराया जा सकता हैं। इसमें कार्रवाई होना लगभग तय माना जा रहा हैं।
नई नीति के तहत चाहिए मुआवजा
परतापुर: डा. भीमराव अंबेडकर हवाई पट्टी के विस्तारीकरण के तहत एमडीए ने शताब्दीनगर सेक्टर-चार पाकेट सीई के 395 आवंटियों को भवन भूख्ांड खाली कराने के नोटिस तामील कराए हैं, जिससे आवंटियों में खलबली का माहौल है। आवंटियों का कहना है कि एमडीए ने जिस रेट में भवन भूखंड लिया था, उतना पैसा ले लो, लेकिन आवंटियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के नए मुआवजा नीति के अनुसार मुआवजा चाहिए।
नई जमीन अधिग्रहण नीति के तहत आवंटी एमडीए से मुआवजा मांग रहे हैं, जिस पर आवंटी अडिग हो गए हैं। अब एमडीए को कुछ नहीं सूझ रहा है कि आखिर इसमें क्या करें? क्योंकि नई जमीन अधिग्रहण नीति को चुनौती न्यायालय में भी नहीं दी जा सकती हैं। इसमें आवंटी अपनी जगह पर सही हैं। शताब्दीनगर सेक्टर-चार सीई के लोगों ने एमडीए द्वारा आवंटियों को भवन भूखंड खाली कराने को लेकर दिए गए नोटिस के बाबत सांसद को ज्ञापन दिया कि एमडीए ने कई भवन व भूखंडों के मालिकों की रजिस्टी कर दी कुछ की नहीं की।
अब भवन व भूखंड खाली कराने के नोटिस दिए जा रहे हैं। सेक्टर-चार सीई के आवंटियों का कहना है कि हमें सुप्रीम कोर्ट की नई मुआवजा नीतियों के तहत मुआवजा चाहिए। मोहित अग्रवाल, अनिता गुप्ता, सीमा, सुमित, गौरव मित्तल, अंशुल आदि का कहना है कि हमें सर्किल रेट का चौगुना मुआवजा चाहिए या सेक्टर-चार सीई को हवाई पट्टी विस्तारीकरण से बचाया जाए।

