- गढ़ रोड पर अभी इंतजार,पहले चरण में 21 किमी का दायरा पूरा करेगी मेरठ मेट्रो
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बस थोड़ा-सा इंतेजार और फिर शहर की सड़कों से ट्रैफिक का दबाव छूमंतर। दिल्ली-देहरादून मार्ग पर चलने वाले ई-रिक्शा से लेकर टेम्पो और अन्य दूसरे वाहनों का जो अतिरिक्त दबाव शहर झेल रहा है वो कुछ समय बाद समाप्त हो जाएगा। शहर में शीघ्र ही मेट्रो ट्रेन रफ्तार के साथ दौड़ने लगेगी। इस समय मेट्रो के फिलहाल एक कॉरिडोर पर काम चल रहा है। हालांकि दूसरे कॉरिडोर के लिए अभी थोड़ा इंतेजार करना पड़ सकता है।
मेरठ में अभी कुल 21 किमी का मेट्रो नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। जोकि 13 स्टेशनों की मदद से यात्रियों को मेट्रो की सेवाएं प्रदान करेगा। मेट्रो के इन 13 स्टेशनों में मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैंसाली, बेगमपुल, एमईएस कॉलोनी, डौरली, मेरठ नॉर्थ, मोदीपुरम व मोदीपुरम डिपो शामिल हैं। इनमें मेरठ सेंट्रल, भैंसाली व बेगमपुल के तीनों स्टेशन अंडर ग्राउंड होंगे।
जबकि अन्य सभी स्टेशन एलिवेटेड हैं। मेरठ में चार स्टेशन ऐसे होंगे, जिन पर रैपिड व मेट्रो की सेवाएं यात्रियों को संयुक्त रूप से मिलेंगी। इनमें मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल व मोदीपुरम शामिल हैं। इन चार स्टेशनों के अलावा रैपिड किसी भी दूसरे स्टेशन पर नहीं रुकेगी। आरआरटीएस के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी पुनीत वत्स के अनुसार मेरठ की मेट्रो सेवा को रीजनल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर के बुनियादी ढांचे पर ही विकसित किया जा रहा है।
मेरठ मेट्रो का जो पहला रूट होगा (जिस पर तेजी के साथ काम चल रहा है) वो परतापुर से मोदीपुरम तक होगा और इसका दायरा कुल 21 किमी होगा। इस कॉरिडोर पर मेरठ मेट्रो की सेवा रैपिड सेवा के साथ ही शुरू होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि आरआरटीएस अधिकारियों के अनुसार मेरठ मेट्रो का जो दूसरा कॉरिडोर (श्रद्धापुरी कंकरखेड़ा से गढ़ रोड जागृति विहार तक) होगा उस पर अभी मंथन चल रहा है।
इस पर कब काम शुरू होगा और कब तक यह जनता के लिए तैयार हो जाएगा इस पर अभी कोई भी कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं है। मेरठ मेट्रो का यह दूसरा कॉरिडोर 15 किमी लम्बा होगा। इस दूसरे कॉरिडोर पर कौन सी कम्पनी काम करेगी यह भी अभी फाइनल नहीं है।

