Tuesday, March 3, 2026
- Advertisement -

उत्तराखंड: चार पहाड़ी जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: उत्तराखंड में आज बुधवार को मौसम खराब बना हुआ है। प्रदेश के कुछ इलाकों में बादल छाए हैं तो कहीं पर हल्की बारिश से दिन की शुरुआत हुई। वहीं, उत्तरकाशी, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, चमोली में अगले 24 घंटे में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, भारी बारिश को देखते हुए सरकार, शासन, जिला प्रशासन के साथ ही आपदा प्रबंधन से जुड़े अफसरों को सतर्क रहने की जरूरत है।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि उपरोक्त चारों जिलों में अगले 24 घंटे के भीतर कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। नदियों, नालों के किनारे बसे लोगों के साथ ही भूस्खलन संभावित इलाकों में बसे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।

इन जिलों में अत्यंत भारी बारिश की संभावनाओं को देखते हुए आपदा प्रबंधन के लिहाज से बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। राजधानी दून व आसपास के इलाकों में बादल छाए रहेंगे। कहीं-कहीं तेज गर्जना के साथ ही बारिश होने की संभावना है। हालांकि, भारी बारिश की संभावना नहीं है।

शासन की ओर से मानसून अवधि के दौरान विभागों को अलर्ट पर रहने के साथ ही प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत प्रमुख तौर पर लोनिवि, बिजली, पानी, सिंचाई इत्यादि की प्रतिदिन की रिपोर्टिंग सचिवालय स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को की जा रही है। ऊर्जा निगम और पेयजल निगम की ओर से प्रदेशभर में आपूर्ति सुचारु रहने के दावे किए गए हैं।

लोक निर्माण विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को 272 मशीनों की मदद से 54 सड़कों को खोलने का काम किया गया, जबकि 146 सड़कें अब भी बंद हैं। इसमें 13 स्टेट हाईवे, पांच मुख्य जिला मार्ग, चार अन्य जिला मार्ग, 53 ग्रामीण सड़कें और 71 पीएमजीएसवाई की सड़कें बंद हैं। इस मानसून अवधि में अब तक बंद हुईं कुल 1571 सड़कों में से 1428 सड़कों को खोला जा चुका है।

वहीं, ऊर्जा विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के अधिकतर जिलों में विद्युत आपूर्ति सुचारु है। केवल पिथौरागढ़ एवं उत्तरकाशी के कुछ गांवों जैसे हुनेरा, पमस्यारी, शेराघाट, चौना पटल में विद्युत व्यवस्था को बहाल किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य के कुल 62 गांवों में विद्युत व्यवस्था बाधित हुई थी, इनमें 43 गांवों की बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी गई है।

पेयजल निगम की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में मानसून अवधि में 15 जून से अब तक कुल 65 योजनाओं में अतिवृष्टि एवं आपदा के कारण अवरोध पैदा हुआ था। इन्हें अब सुचारु कर दिया गया है। वर्तमान में राज्य में कोई भी पेयजल योजना बाधित नहीं है। आपदा की स्थिति में विभिन्न शाखाओं में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 71 विभागीय टैंकर उपलब्ध हैं, जबकि 219 टैंकर किराये पर लेने के लिए चिह्नित किए गए हैं। इसके अलावा कुल 489 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं, सभी सुचारु कर दिया गया है।

उधर, एसडीआरएफ ने बीते 24 घंटे में बदरीनाथ से आगे वसुधारा के पास लापता तीन युवकों को पुलिस के साथ संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाकर रेस्क्यू कर लिया है। वहीं, पिथौरागढ़ की जाकुला नदी में एक व्यक्ति के बहने की सूचना पर टीम की ओर से संभावित स्थानों पर सर्चिंग की जा रही है। हरिद्वार में दो लोगों के डूबने की सूचना थी, लेकिन सर्चिंग रिपोर्ट शून्य रही। वहीं, सतपुली में एक व्यक्ति के नदी में डूबने की घटना पर टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाकर शव बरामद कर सिविल पुलिस के सुपर्द किया।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

Chandra Grahan 2026: ग्रहण समाप्ति के बाद तुरंत करें ये 5 काम, जीवन में सुख-शांति का होगा वास

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत...

US: टेक्सास में गोलीबारी में भारतीय मूल की छात्रा समेत चार की मौत, 14 घायल

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: अमेरिका के टेक्सास राज्य की...
spot_imgspot_img