- चहुंओर हर-हर बम-बम के जयघोष, वातावरण भक्तिमय हो गया
जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: श्रावण मास की शिवरात्रि पर मंगलवार को सभी शिवालयों में सुबह से देर शाम तक जलाभिषेक हुआ। हर मंदिर पर भक्तों का तांता लगा रहा। भोर में सुबह चार बजे से शिवालायों में जलाभिषेक शुरू हो गया था। पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। मंदिरों में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी हुई थी।
सावन की शिवरात्रि का विशेष महत्व है। करीब पंद्रह दिन से शिवभक्त कांवड़िया गंगा से जल लेकर अपने गंतव्य को लौट रहे थे। मंगलवार को सुबह से ही
शिव मंदिरों में भोले शंकर की जय, हर-हर महादेव के जयकारे लग रहे थे। शिव मंदिरों में सुबह से श्रद्धालुओं ने रुद्राभिषेक व जलाभिषेक कर मन्नत मांगी। देर शाम शिवालयों में भीड़ बढ़ गई थी। इसकी वजह जलाभिषेक का उत्तम समय शाम सात बजे का था। मंदिरों के बाहर सुरक्षा के मद्देनजर फोर्स मुस्तैद की गई थी। कांवड़ यात्रा बंद होने के कारण जो लोग देवभूमि हरिद्वार से जल नहीं ला पाए, उनके लिए जल की व्यवस्था कराई गई थी। बता दें कि सहारनपुर से हर साल पंजाब व हरियाणा के लाखों श्रद्धालु कांवड़ लेकर हरिद्वार जाते हैं। लेकिन गतवर्ष से कोरोना महामारी के कारण उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगा रखा था। इस बार प्रतिबंध हटने से शिवभक्तों की भीड़ बढ़ गई थी।
श्रद्धालुओं ने मंदिरों में की पूजा अर्चना
शिवरात्रि को सुबह से शिवालयों में लगी श्रद्धालुओं की भीड़ ने मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना कर भगवा शिव का दूध, बेलपत्र, फूल व फल से रुद्राभिषेक व जलाभिषेक किया। भूतेश्वर मंदिर, बागेश्वर महादेव मंदिर, नानौता के बरसी मंदिर में सुबह से खासी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर परिवार की खुशहाली के लिए मन्नत मांगी। सभी मंदिरों पर सुरक्षा के मद्देनजर फोर्स तैनात रही।

