Saturday, March 21, 2026
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बेगमपुल पर बसों के लिए भटकते रहते हैं यात्री

  • मेट्रो प्रोजेक्ट के अंतर्गत क्षेत्र में नहीं मिल रहा बसें खड़ी करने के लिए स्थान

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: बेगमपुल चौराहे से लेकर जीरो माइल तक दोनों तरफ यात्रियों की भारी भीड़ अपने-अपने गंतव्य के लिए बसों की तलाश में इधर-उधर भटकते देखी जा सकती है। मुजफ्फरनगर और सरधना की ओर जाने वाले वाहनों को तलाश करते इन यात्रियों के लिए अस्थायी रूप से बस स्टैंड की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है।

बेगमपुल में पेट्रोल पम्प के पास मुजफ्फरनगर की ओर जाने वाली प्राइवेट बसों का स्टैंड रहा है। जहां से बसें बनकर चलने के कारण यात्रियों को आसानी से साधन मिल जाया करते थे। इससे थोड़ा आगे जीरो माइल के पास सरधना की ओर जाने वाली प्राइवेट और सिटी बसों को खड़ा कर दिया जाता था। जहां खाली बसों में यात्री आसानी से सीट भी हासिल कर लिया करते थे, लेकिन इन दिनों बेगमपुल का मंजर पूरी तरह बदल चुका है।

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यहां मेन चौराहे से लेकर जीरो माइल तक मेट्रो और रैपिड ट्रेन के लिए लाइन और स्टेशन बनाने का काम इन दिनों चल रहा है। मेट्रो और रैपिड ट्रेन के प्रोजेक्ट के कारण बेगमपुल पर सड़क का लगभग एक ही छोर आवागमन के लिए रह गया है। इस बीच चौराहे से जीरो माइल तक करीब 250 मीटर के बीच मुजफ्फरनगर और सरधना की ओर जाने वाली बसों का इंतजार करने वाले यात्रियों की भीड़ पसीने से तरबतर या बारिश में भीगते हुए देखी जा सकती है।

इन दिनों स्थिति यह है कि भैंसाली बस स्टैंड से मुजफ्फरनगर की ओर जाने वाली बसों को बेगमपुल के पास भीड़भाड़ में रोककर सवारियों को उतारना-चढ़ाना पड़ता है। इससे भी ज्यादा विकट स्थिति सरधना, कंकरखेड़ा की ओर जाने वाले यात्रियों को झेलनी पड़ती है। जिनके लिए सरधना की ओर से आने वाली बस को ही खाली होने के बाद सरधना की ओर ले जाया जाता है।

इस दौरान इकट्ठी हो चुकी भीड़ के बीच बस में घुसने और सीट पर बैठने को लेकर मारामारी मच जाती है। सिटी बसों के संचालन का कार्य देखने वाले गंगाचरण और सीनियर स्टेशन इंचार्ज विद्यानन्द बताते हैं कि मेरठ की सिटी बस सेवा में लगी 22 बसें सरधना मार्ग पर चलाई जाती हैं। इन बसों के सही संचालन के लिए सरधना में एक कलर्क भी हैं। जहां से बसों को निर्धारित समय पर भेज दिया जाता है, लेकिन मेरठ में बेगमपुल पर बस खड़ी करने के लिए कोई जगह न होने के कारण वहां से संचालन अनियमित हो जाता है।

उनका कहना है कि जब तक बसों को खड़ी करने के लिए स्थान नहीं मिल जाता, तब तक संचालन में सुधार की गुंजाइश नजर नहीं आ रही है। वैसे उनका कहना है कि मेरठ से कंकरखेड़ा सरधना मार्ग पर रात आठ बजे तक बसें उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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