- बोले, प्रशासन और मंत्रियों की बेरुखी के चलते धरना देने को हुआ विवश
- मांग पूरी नहीं हुई तो एक सप्ताह बाद शुरू कर देंगे धरना
जनवाणी संवाददाता |
कंकरखेड़ा: नेशनल हाइवे स्थित सिल्वर सिटी कॉलोनी निवासी लेफ्टिनेंट आकाश चौधरी के परिजनों को अपनी मांग पूरी कराने के लिए डीएम कार्यालय पर शुक्रवार को धरना देना पड़ा।
परिजनों में इस बात का रोष है कि उनका इकलौता चिराग देश के लिए असम में शहीद हो गया, लेकिन यहां की लचर व्यवस्था के कारण उनके पुत्र को ने तो शहीद का दर्जा मिला और न ही प्रशासनिक अधिकारी और मंत्रियों ने जाकर परिजनों को सांत्वना दी।
परिजनों का कहना है यदि उनकी मांग जल्द ही पूरी नहीं होती तो एक सप्ताह बाद जिलाधिकारी कार्यालय पर वह धरना देने के लिए मजबूर होंगे।
सिल्वर सिटी निवासी आकाश चौधरी गत 17 जुलाई को असम के पोखराझार में युद्ध की ट्रेनिंग का अभ्यास के दौरान पैर फिसलने से शहीद हो गए थे।
आकाश चौधरी के पिता केपी सिंह का कहना है कि इस घटना के बाद कोई भी मंत्री या प्रशासनिक अधिकारी डीएम, कमिश्नर व एसएसपी उनका दर्द जानने के लिए घर तक नहीं पहुंचे।
किसी ने फोन करके उनका दर्द जानने का भी प्रयास नहीं किया। इकलौता चिराग देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करके चला गया, लेकिन कुछ परिचित और क्षेत्रीय नेताओं के अलावा कोई मंत्री उनका दर्द जानने के लिए नहीं पहुंचा।
लेफ्टिनेंट आकाश चौधरी की मां कमलेश का कहना है कि उसका इकलौता चिराग चला गया उनकी मांग है कि कैंट क्षेत्र में शहीद लेफ्टिनेंट आकाश चौधरी की मूर्ति लगे, उनके नाम पर कोई सड़क का नाम रखा जाए और जो सुविधाएं सरकार द्वारा परिजनों को दी जाती है, वह दी जानी चाहिये।
यदि उनकी मांग एक सप्ताह के अंदर पूरी नहीं होती तो उसके बाद वह डीएम कार्यालय पर धरना देने को मजबूर होंगे। शुक्रवार को उन्होंने एक सांकेतिक धरना दिया था। उनकी बहन प्रियंका चौधरी का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों को एक बार घर आना चाहिए था।
उन्हें सांत्वना देनी चाहिए थी, लेकिन किसी ने भी उनके घर पर आकर सुध नहीं ली। अब भाई के जाने से वह और उसके बूढ़े माता-पिता अत्यन्त दु:खी है। उन्होंने राज्य सरकार से परिवार को एक नौकरी दिलाने की भी मांग की है।
भाजपा नेता अनिल चौधरी का कहना है कि वह लेफ्टिनेंट आकाश चौधरी के परिजनों को मुख्यमंत्री से मिलाने का समय लेंगे। जो भी उनकी सम्भव मदद हो सकेगी। उसको पूरी कराने का प्रयास करेंगे। क्षेत्रीय विधायक और भाजपा नेता लेफ्टिनेंट आकाश चौधरी के परिवार के साथ है पूरी सहानुभूति है।
पीड़ित परिवार से मिला रालोद

राष्ट्रीय लोक दल का प्रतिनिधिमंडल राजकुमार सांगवान के नेतृत्व में लेफ्टिनेंट आकाश चौधरी के परिजनों से मिला और उनकी हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
इस दौरान युवा रालोद के प्रदेश उपाध्यक्ष गौरव जाटोली ने कहा कि यह बड़े ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि सरकार शहीद के लिए परिवार के लिए कुछ नहीं कर पाई। इस दौरान जयराज सिंह, विनय प्रधान और संजीव चौधरी आदि मौजूद रहे।
पुत्र की रिकॉर्ड आवाज सुनकर काट रहे दिन
केपी सिंह के पुत्र लेफ्टिनेंट आकाश चौधरी की फोन में रिकॉर्डिंग हुए जो गाने है। वह गाने सुनकर माता-पिता और आकाश चौधरी की बहन समय व्यतीत कर रहे हैं।
दरअसल ये गाने उस समय के हैं, जब आकाश चौधरी सेना में ट्रेनिंग कर रहे थे। तो वह कुछ गीत गाकर उन्हें रिकॉर्ड कर लेते थे। अधिकारियों ने यह रिकॉर्डिंग उनके परिजनों को भेजी है। जिन्हें सुनकर वह अपना समय व्यतीत करने को मजबूर है।

