जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: कांग्रेस के बड़े नेता गुलाम नबी आजाद के पार्टी छोड़ने के बाद संगठन में अंदरूनी तौर पर कई बड़े नेताओं में हलचल मचनी शुरू हो गई है। पार्टी के कुछ पुराने और कद्दावर नेताओं ने गुलाम नबी आजाद से मुलाकात भी की है। हालांकि इस मुलाकात को महज सामान्य मुलाकात कहकर राजनैतिक हवाओं की तपिश को कम करने की कोशिश तो की जा रही है लेकिन माना जा रहा है कि अंदरूनी तौर पर बहुत कुछ पक रहा है। वहीं दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर के तो कई बड़े नेताओं ने पार्टी तक छोड़ दी है। सूत्रों का कहना है कि गुलाम नबी आजाद के पार्टी छोड़ने के बाद संगठन में भी बड़े बदलाव हो सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर में ही करीब 60 से ज्यादा कांग्रेसियों ने पार्टी से इस्तीफा दिया
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता गुलाम नबी आजाद के इस्तीफा देने के बाद में सिर्फ जम्मू-कश्मीर में ही तकरीबन 60 से ज्यादा कांग्रेसियों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। खास बात यह है कि इस्तीफा देने वालों में जम्मू-कश्मीर के पूर्व उप मुख्यमंत्री समेत कई बड़े गैर मुस्लिम नेता भी शामिल है। सूत्रों का कहना है कि यह सिलसिला अगले कुछ दिनों तक और चल सकता है।
वजह बताते हुए कांग्रेस के ही एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि गुलाम नबी आजाद के साथ कई और नेता मुलाकात कर चुके हैं। हालांकि उनका कहना है कि यह मुलाकातें वास्तव में पार्टी छोड़ने के लिए हुई हैं या महज एक बड़े नेता के पार्टी छोड़ने के बाद की जाने वाली एक शिष्टाचार मुलाकात है, यह कहना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन जिस तरीके के हालात हैं उसमें यह नहीं कहा जा सकता कि और नेता पार्टी नहीं छोड़ सकते हैं।
कांग्रेस से ही जुड़े एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि गुलाम नबी आजाद ने जिस तरीके की चिट्ठी लिखकर राहुल गांधी पर निशाना साधा है उसी तरीके का आक्रोश पार्टी के कई नेताओं में है। यह बात अलग है कि वह खुलकर इस तरीके की चिट्टियां नहीं लिख रहे हैं। लेकिन पार्टी से लेकर राजनीतिक गलियारों में ऐसे लोगों का नाम भी पता है और उनके अंदर उठने वाली नाराजगी का भी बखूबी अंदाजा है।
सूत्रों का कहना है कि गुलाम नबी आजाद से बीते तीन दिनों में कांग्रेस के नाराज जी-23 ग्रुप के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली आवास पर मुलाकात की है। इस दौरान उनके उठाए गए कदम को इन नेताओं ने सराहा है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में अनुमान लगाया जा रहा है कि संभव है नाराज जी 23 ग्रुप से जुड़े कुछ नेता अलग बड़ा धड़े के साथ राजनीतिक संगठन गुलाम नबी आजाद के साथ बनाएं।
कांग्रेस से नाराज नेता आ सकते हैं आजाद के साथ
दरअसल, गुलाम नबी आजाद से जुड़े एक वरिष्ठ नेता एसएन शर्मा का कहना है कि गुलाम नबी आजाद अपनी पार्टी को सिर्फ जम्मू कश्मीर तक ही सीमित नहीं रखना चाहते हैं। आने वाले दिनों में होने वाले विधानसभा के चुनाव और लोकसभा के चुनावों के मद्देनजर देश के अलग-अलग राज्यों में अपना विस्तार करना चाहते हैं। राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे में गुलाम नबी आजाद के पास सिर्फ जम्मू कश्मीर के नेताओं को लेकर के ही चलने का रास्ता नहीं खुला है बल्कि देश के अन्य अलग-अलग राज्यों के बड़े नेताओं या कांग्रेस के नाराज नेताओं को साथ लेकर चलने का भी रास्ता खुला हुआ है।

