- हाल-ए-बागपत रोड: दो वर्ष पहले ही लगी स्ट्रीट लाइट, अब नहीं जलती
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: दो साल पहले मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने बागपत रोड को स्ट्रीट लाइट से रोशन कर दिया था। करोड़ों रुपये स्ट्रीट लाइट पर खर्च किए गए थे, लेकिन अब स्ट्रीट लाइट जलती नहीं है। पूरी रोड पर घूप अंधेरा छाया रहता है। यहां पर रात्रि में आए दिन लूटपाट की घटनाएं हो रही है, लेकिन मेरठ विकास प्राधिकरण को इससे कोई लेना-देना नहीं। तत्कालीन वीसी राजेश पांडे ने कोरोना काल के दौरान बागपत रोड पर स्ट्रीट लाइट के खंभे लगाए थे।
बड़ा व्यापक स्तर पर इस पर पैसे खर्च कर गए। फिर भी लंबे समय तक स्ट्रीट लाइट से बागपत रोड रोशन रहा। लोगों ने मेरठ विकास प्राधिकरण के इस कार्य की सराहना भी की थी, लेकिन एक से डेढ़ साल के बीच स्ट्रीट लाइट धड़ाम हो गई। वह अब जलती नहीं है। बताया गया कभी जल गई तो कभी आधे रूट पर जली। यह हालत मेरठ विकास प्राधिकरण की स्ट्रीट लाइटों की हो गई है।
स्ट्रीट लाइट की वारंटी पांच वर्ष की होना बताई गई है। इसके बावजूद स्ट्रीट लाइट को ठीक नहीं कराया जा रहा है। क्या फाल्ट है? यह जानने की कोशिश मेरठ विकास प्राधिकरण या फिर नगर निगम ने विचार ही नहीं किया। नई लाइटें लगाई तो कमीशनखोरी हुई, उसके बाद अधिकारी इन स्ट्रीट लाइट को भूल गए। आखिर स्ट्रीट लाइट को फिर से रोशन कौन करेगा?
नगर निगम या फिर मेरठ विकास प्राधिकरण? या फिर ये दोनों विभाग के अधिकारी स्ट्रीट लाइट ठीक कराने की बजाय आपस में ही लड़ते रहेंगे। मेरठ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का यह भी कहना है कि नगर निगम स्ट्रीट लाइट को देख रहा है। सिर्फ प्राधिकरण ने तो लाइट लगवाई और फिर नगर निगम के सुपुर्द कर दी। अब आगे देखरेख करने का कार्य तो नगर निगम ही करेगा। नगर निगम ने इन स्ट्रीट लाइट को लावारिस छोड़ दिया हैं।

