- शूटिंग रेंज की नई बन रही बिल्डिंग का अचानक निरीक्षण करने पहुंची कमिश्नर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश की पहली खेल यूनिवर्सिटी के निर्माण की आधारशिला सरधना के सलावा गांव में रखी है। जिसका निर्माण तेज गति से चल रहा हैं। वहीं यूपी सरकार ने भी प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए तमाम तरह की योजनाएं चला रखी है।
कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में इन दिनों नई शूटिंग रेंज की बिल्डिंग का निर्माण कार्य जारी है। इसका औचक निरीक्षण करने मंडलायुक्त कैलाश प्रकाश स्टेडियम पहुुंची। यहां उन्होंने सभी तरह के खेलों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।
स्टेडियम पहुंची कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे. ने सबसे पहले नई शूटिंग रेंज की निर्माणाधीन बिल्डिंग का जायजा लिया। इस दौरान बिल्डिंग के मुख्य द्वारा से लेकर अन्य तैयारियों पर क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी योगेन्द्र पाल सिंह से बात की। कितना बजट आया है और कितने की आगे जरूरत है यह जानकारी ली गई।
सालों से स्टेडियम के खिलाड़ियों के लिए सिंथेटिक रनिंग ट्रैक को लेकर क्या समस्याएं है इसको भी जाना। गौरतलब है स्टेडियम में सिंथेटिक रनिंग ट्रैक के लिए अब नगर निगम के पाले में गेंद है। प्रांतीय क्रीड़ा अधिकारी ने बताया जबसे मेरठ को स्मार्ट सिटी की श्रेणी में लाया गया है

तभी से सिंथेटिक ट्रैक लगाने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। स्टेडियम प्रशासन ने नगर निगम को सिंथेटिक ट्रैक का कुल बजट जो करीब 750 करोड़ है तैयार करके भेज दिया है, लेकिन लंबे समय से यह अधर में लटका है।
स्टेडियम में जगह की कमी
कमिश्नर ने खेलों के लिए कम जगह होने पर भी चर्चा की। इस दौरान उन्हें बताया गया कैलाश प्रकाश स्टेडियम 1960 में बना था। उसके बाद से जिले की आबादी कई गुना बढ़ चुकी है, खिलाड़ियों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ है, लेकिन जगह उतनी ही है। स्टेडियम के चारों ओर बनी 80 दुकानों से विवाद चल रहा है तो कोर्ट में है।
ऐसे में यहां जगह कम है। प्रांतीय क्रीड़ा अधिकारी योगेन्द्र पाल सिंह ने बताया जिन दुकानों से विवाद चल रहा है यदि वह समाप्त हो जाए तो जगह बढ़ सकती है। कमिश्नर ने इस प्रकरण को लेकर भी पूरी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। कमिश्नर ने स्टेडियम में बने हॉस्टल की जानकारी लेते हुए इसके मेंटेनेंस का बजट मांगा। उन्होंने कहा स्टेडियम में जितनी भी बिल्डिंगें है।
उनकी रंगाई-पुताई व टूट-फूट को ठीक कराने का कितना बजट है, यह उन्हें उपलब्ध कराया जाए। इस पर योगेन्द्र पाल सिंह ने कहा मेंटेनेंस का बजट तैयार करने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को लिखा गया है। जल्दी ही बजट का पूरा ब्योरा तैयार हो जाएगा, जिसे मंडलायुक्त के पास भेज दिया जाएगा।

