- जीसटी और कोयले के दामों में भारी वृद्धि से भट्ठा उद्योग पर संकट
- ईंट भट्ठों के लिए पृथक श्रम कानून बनाए जाने की उठाई गई मांग
जनवाणी संवाददाता |
शामली: शनिवार को शामली ईट निर्माता समिति के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र मलिक ने कैराना रोड स्थित रेस्टोरेंट में पत्रकारों से वार्ता के दौरान बताया कि जीएसटी दरों में भारी वृद्धि, कोयले के भाव भी 10 हजार से बढ़कर 25 हजार रुपये टन हो गए। जिसके कारण भट्ठा उद्योग के संचालन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। भट्ठों के लिए अलग से श्रम कानून न बनाएए जाने के कारण भट्ठा उद्योग बंदी की ओर अग्रसर है। जिसके चलते आल इंडिया ब्रिक्स एंड टाईल्स संघ एवं उत्तर प्रदेश ईंट निमार्ता समिति द्वारा निर्णय लिया गया है कि आगामी सीजन 2022-23 में जब तक जीएसटी की बढ़ी हुई दरे वापस नहीं होगी एवं कोयले के रेट सामान्य नहीं होंगे भट्ठी पर पूर्ण रूप से बंद रखी जाएगी।
आल इन्डिया ब्रिक्स एंड टाईल्स संघ एवं उत्तर प्रदेश ईंट निर्माता समिति के आहवान पर पूरे भारतवर्ष के भट्ठा स्वामी लाखोंं की संख्या में 10 नवम्बर को रामलीला मैदान दिल्ली में एकत्र होकर पैदल मार्च करते हुए संसद का घेराव करेंगे।
जिला महामंत्री सुनील गोयल ने बताया कि शामली ईंट निर्माता समिति ने भी सर्व सम्मति से आल इंडिया ब्रिक्स एंड टाइल्स संघ एवं उप्र ईंट निर्मात समिति के साथ रहने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि कोई भी भट्ठा स्वामी सीजन वर्ष 2022-23 में समस्याओं के समाधान तक अपने भट्ठे का संचालन नहीं करेगा। समस्या का समाधान होने तक पूरे देश में आंदोलन जारी रहेगा।

