- सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने नहीं पहुंच रहे किसान
- पूरे जिले में अभी तक मात्र 51 किसानों का रजिस्ट्रेशन
जनवाणी संवाददाता |
शामली: जनपद में किसानों के धान खरीद को 07 क्रय केंद्र खोले गए हैं। सामान्य प्रजाति की धान खरीद का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2040 रुपये तथा ग्रेड-ए धान खरीद समर्थन मूल्य 2060 रुपये प्रति कुंतल रखा गया है। एक अक्टूबर से धान खरीद केंद्र खुले है, 28 दिन बाद भी जनपद के किसी भी क्रय केंद्र पर धान खरीद नहीं होने से केंद्र सूने पड़े हैं। ऐसे में धान खरीद का लक्ष्य हासिल करना विभाग के लिए टेडी खीर साबित हो रहा है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी कमलेश सिंह ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 के लिए मूल्य समर्थन योजनांतर्गत किसानों से सीधे धान खरीदने और क्रय योजना किसानों पूरा लाभ दिए जाने के उद्देश्य से जनपद एक अक्टूबर से तीनों तहसीलों में सात धान क्रय केंद्र खोले गए हैं। जिनमें पीसीएफ के 04 और खाद्य विभाग के 03 क्रय केंद्र शामिल है। शामली तहसील के थानाभवन में दो केंद्र हैं। जिनमें एक खाद्य विभाग का क्रय केंद्र थानाभवन एट मंडी समिति तथा दूसरा केंद्र पीसीएफ साधन सहकारी समिति महावतपुर है। कांधला में पीसीएफ क्रय केंद्र किसान सेवा सहकारी समिति निकट खंड विकास कार्यालय गंगेरू रोड पर है। कैराना तहसील में दो क्रय खोले गए हैं। जिनमें एक क्रय केंद्र एफएसएस इस्सापुर खुरगान एट मलकपुर में पीसीएफ तथा दूसरा क्रय केंद्र कैराना एट आर्यपुरी कार्यालय विपणन निरीक्षक कैराना निकट राजीय गोदाम खाद्य एवं रसद विभाग, कैराना बाइपास पर खाद्य विभाग का है। ऊन तहसील में दो क्रय केंद्र खोले गए हैं। जिनमें एक झिंझाना कार्यालय विपणन निरीक्षक निकट राजकीय गोदाम एवं खाद्य एवं रसद विभाग झिंझाना ऊन रोड पर स्थित है जबकि दूसरा केंद्र किसान सेवा सहकारी समिति कार्यालय एफएसएस ऊन ब्लॉक परिसर में पीसीएफ का क्रय केंद्र स्थापित किया गया है।
जिला विपणन अधिकारी ने बताया कि केंद्रों पर 01 अक्टूबर से 31 जनवरी तक धान की खरीद की जाएगी। सभी केंद्रों पर किसानों के लिए बैठने, पानी पीने आदि की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जनपद में धान खरीद का लक्ष्य 500 मिट्रिक टन रखा गया है। सामान्य प्रजाति की धान खरीद का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2040 रुपये तथा ग्रेड-ए धान खरीद समर्थन मूल्य 2060 रुपये प्रति कुंतल रखा गया है। जनपद के किसी भी क्रय केंद्र पर किसान धान लेकर नहीं पहुंचा है। जनपद में 28 दिन बाद भी कुल कुल 51 किसानों के रजिस्ट्रेशन कराए हैं।

