जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उनको स्मरण करते हुए किया गया कृतज्ञ नमन
भारत की एकता एवं अखंडता के शिल्पकार एवम सशक्त ,समृद्ध एवं आधुनिक भारत के निर्माता भारतवर्ष के लौह पुरुष, भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है एवं इसी के अनुपालन में आज दिनांक 31.10.22 को इस दिवस विशेष पर उत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल द्वारा सरदार वल्लभ भाई पटेल के महान कार्यों एवं अद्भुत कृत्यों का उल्लेख करते हुए उनको याद किया गया एवं महाविभूति के प्रति कृतज्ञ नमन किया गया I मंडल द्वारा इस सुअवसर पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया जिसके तहत सरदार पटेल की जयंती एवम सतर्कता जागरूकता सप्ताह को दृष्टिगत रखते हुए प्रातःकाल चारबाग स्थित रेलवे स्टेडियम में रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया गया, जिसमे मंडल रेल प्रबंधक, सुरेश कुमार सपरा ने उपस्थित होकर सर्वप्रथम मंडल के अधिकारियों,खिलाड़ियों एवम कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई।
इसके उपरान्त मंडल रेल प्रबंधक के नेतृत्व में उपस्थित समस्त अधिकारियों , कर्मचारियों तथा खिलाड़ियों ने रन फॉर यूनिटी में भाग लिया। यह यूनिटी रन चारबाग़ रेलवे से प्रारंभ होकर उत्तर रेलवे के चारबाग़ स्टेशन तक गयी एवं वापस स्टेडियम पर आकर इसका समापन किया गया। तदोपरांत कार्यक्रम के अगले चरण में सायंकाल चारबाग स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मंडल रेल प्रबंधक की उपस्थिति में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा परेड करते हुए मंडल रेल प्रबंधक को सलामी दी गई एवम मंडल रेल प्रबंधक द्वारा वहां उपस्थित अधिकारीगण एवम कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई गई।इसी के अनुक्रम में मंडल के वाराणसी जं.(कैंट) स्टेशन पर भी रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया गया जिसमे अपर मंडल रेल प्रबंधक ,वाराणसी जन.एवं स्टेशन निदेशक सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक सुरेश कुमार सपरा ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को राष्ट्र के शिल्पकार एवम आधुनिक भारत के आधारस्तम्भ की संज्ञा देते हुए उनके द्वारा किए गए महान कार्यों का उल्लेख करते हुए समस्त रेलकर्मियों का आवाहन करते हुए सभी से सरदार पटेल के बताए सिद्धांतों का अनुसरण करने की अपेक्षा की।उन्होंने यह भी बताया की इन सिद्धांतों के द्वारा ही शक्तिशाली एवम समृद्धिशाली भारत का निर्माण संभव हो सका है।

