जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन, मंगलवार को सेंसेक्स में 208.84 अंक की गिरावट दर्ज की गई और यह 77,094.79 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 42.8 अंक फिसलकर 24,049.90 पर आ गया। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में भारी गिरावट के कारण शुरुआती कारोबार में बाजार नरम दिखा।
रुपया डॉलर के मुकाबले 24 पैसे कमजोर होकर 94.39 पर खुला। हालांकि, सुबह 9:48 बजे बाजार ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए सेंसेक्स 57.32 अंक (0.07%) बढ़कर 77,360.95 और निफ्टी 45.85 अंक (0.19%) ऊपर होकर कारोबार करता दिखा।
अमेरिकी-ईरान तनाव और तेल कीमतों ने बढ़ाई सावधानी
एक दिन पहले की मजबूत तेजी के बाद मंगलवार सुबह शेयर बाजार लाल निशान में खुले। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त होने की उम्मीदों में कमी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने निवेशकों को सतर्क कर दिया।
छोटे शेयरों में सकारात्मक रुख
- बड़े शेयरों में सुस्त शुरुआत के बावजूद, व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) में सकारात्मक रुख देखा गया।
- निफ्टी स्मॉलकैप 100 और मिडकैप 100 में 0.3 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज हुई।
- इंडिया VIX लगभग 7 प्रतिशत गिरकर 18.38 पर आ गया, जिससे निवेशकों को थोड़ी राहत मिली।
शुरुआती कारोबार में एसबीआई, एक्सिस बैंक, सन फार्मा और इंडिगो के शेयर करीब 1 प्रतिशत गिर गए, जबकि अदाणी पोर्ट्स, टीसीएस, लार्सन एंड टुब्रो और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर 1 प्रतिशत बढ़त के साथ हरे निशान में थे।
कच्चे तेल में उछाल और विदेशी निवेशकों का दबाव
बाजार की शुरुआती गिरावट का मुख्य कारण भू-राजनीतिक तनाव में वृद्धि है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और युद्ध समाप्त करने के लिए नया प्रस्ताव दिया, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खारिज करने पर विचार कर रहे हैं।
शांति समझौते की उम्मीदें धुंधली होने के कारण ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 109 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहे हैं। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है।
साथ ही, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली भी बाजार को कमजोर कर रही है। सोमवार को विदेशी निवेशकों ने 1,151 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। घरेलू मुद्रा बाजार में भी कमजोरी देखी गई, और रुपया डॉलर के मुकाबले 24 पैसे गिरकर 94.39 के स्तर पर खुला।

