- पति की गुहार पर फास्ट ट्रेक कोर्ट ने लिया संज्ञान
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: आरपीएसएफ में तैनात निरीक्षक के प्रार्थनापत्र का संज्ञान लेते हुए फास्ट ट्रेक कोर्ट ने पूर्व विधायक की पुत्री पर मुकदमा दर्ज कर जांच करने के आदेश दिये हैं। शिकायतकर्ता पूर्व विधायक की पुत्री का पति है और दोनों पति-पत्नी के बीच उत्पीड़न का मुकदमा चल रहा है। इस बार आरपीएसएफ इंस्पेक्टर ने अपनी पत्नी पर 50 लाख रुपये की उगाही के प्रयास का आरोप लगाया है।
पूर्व विधायक महावीर आजाद की पुत्री नेहा सिंह का विवाह 16 जून 2020 को आगरा निवासी राजेश कुमार से हुआ था। राजेश आरपीएसएफ में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात है, जिसके बाद दोनों के बीच मुन मुटाव के उपरांत नेहा ने अपने पति सहित 5 ससुराल जनों पर महिला थाने में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है।
पत्नी पर उत्पीड़न और उगाही का आरोप आगरा निवासी राजेश कुमार ने अपनी पत्नी और पूर्व विधायक महावीर आजाद की पुत्री नेहा सिंह के विरुद्ध 18 मई 2022 को शिकायती पत्र देकर गंभीर आरोप लगा थे। उस पर कोई कार्रवाई न होने की बात कहते हुए राजेश कुमार ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट से आरोपियों पर कार्रवाई की गुहार लगाई थी। राजेश ने सीआरपीसी 156-3 के तहत कोर्ट में दाखिल प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी नेहा सिंह ने झूठे तथ्य देकर उसके विरुद्ध दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया।
आरोप लगाया कि सच्चाई ये है कि नेहा ने अपने परिवार वालों के साथ मिलकर उसका उत्पीड़न किया और उस पर 50 लाख रुपये की उगाही का दबाव बनाया। आगरा निवासी राजेश कुमार की शिकायत पर सिविल जज सीनियर डिवीजन मयंक जायसवाल की कोर्ट(फास्ट ट्रैक कोर्ट) ने सुनवाई की। सुनवाई उपरांत कोर्ट ने थाना सिविल लाइन पुलिस को 3 दिन के भीतर आरोपियों पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।

