- डा. शालिनी की मौत पर हुआ था जमकर हंगामा, हत्या का लगा था आरोप
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: न्यायालय अपर जिला जज त्वरित न्यायालय मेरठ अंकित मित्तल ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने व दहेज क्रूरता के आरोप में डॉ. विशाल आर्य पुत्र सीएल आर्य व सास वीना आर्य निवासी थापर नगर मेरठ को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा राजेश कौरा पुत्र बालकिशन निवासी अरविंदपुरी सदर मेरठ ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी पुत्री डा. शालिनी की शादी डॉ. विशाल आर्य के साथ हुई थी। उसकी पुत्री एमडी डॉक्टर हैं और वादी ने शादी में 25 लाख रुपये खर्च किए थे।
शादी के बाद उसकी पुत्री को दो पुत्रियां पैदा हुई। आरोपी शादी के बाद से ही दहेज की मांग करते हुए उसकी पुत्री का शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान करता था तथा उसे जान से मारने की धमकी देने लगा। 30 अगस्त 2015 को रात करीब 11 बजे वादी की धेवती का फोन आया और उसने बताया कि उसके पिता विशाल आर्य व उसकी दादी वीना आर्य उसकी मां से गाली-गलौज करते हुए उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। रात में लगभग दो बजे आरोपी ने वादी की पुत्री को जहरीली चीज खिला दी है और उसके शरीर में जबरदस्ती इंजेक्शन लगाकर उसे मारने का प्रयास किया है।
जिसके बाद मौके पर वादी मुकदमा अपनी बेटी के घर पहुंचा और वहां उसकी स्थिति गंभीर देखते हुए जसवंत राय हॉस्पिटल में भर्ती कराया। दौरान उपचार वादी की पुत्री डॉ. शालिनी आर्य की मृत्यु हो गई। जिसके बाद विवेचनाधिकारी ने डॉ. विशाल आर्य एवं उसकी मां वीना आर्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मांगेराम, सुरेंद्र भारद्वाज व तुषार भारद्वाज ने न्यायालय में उनके निर्दोष होने के साक्ष्य पेश किए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य को देखते हुए आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
सोहरका डबल मर्डर में साक्षी का कोर्ट में बयान दर्ज
मेरठ: न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट संख्या-चार उदयवीर की अदालत में सोहरका डबल मर्डर केस में मृतक बलविंदर की पत्नी वादनी कंचन ने उसके पति व सास की हत्या में विनय उर्फ मांगे व तरुण उर्फ गोलू के खिलाफ न्यायालय में बयान दिये। इस मामले में वादनी के ससुर नरेंद्र की हत्या में उसके पति बलविन्दर उर्फ भोलू और सास निक्षत्तर कौर की गवाही को लेकर उनकी हत्या कर दी थी।
लगभग 06 साल पहले थाना परतापुर क्षेत्र में प्रधानी के चुनाव को लेकर गांव सोहरका के रहने वाले नरेन्द्र की हत्या 19 अक्टूबर 2016 को मालू उर्फ सोहवीर ने की थी। अभियोजन पक्ष की ओर से मुकेश मित्तल अधिवक्ता ने बताया कि नरेन्द्र के हत्याकांड के मामले में उनका बेटा बलविन्दर उर्फ गोलू, पत्नी निक्षत्तर कौर गवाह थे। दोनों की गवाही नरेन्द्र हत्याकांड में होनी थी। जिसमें दोनों गवाहों पर गवाही न देने का दबाव बनाया जा रहा था, परन्तु दबाव में न आने के चलते विनय उर्फ मांगे, तरुण उर्फ गोलू ने दोनों की 24 जनवरी 2018 को हत्या कर दी थी।
इस हत्याकांड में भी समझौता कराये जाने का प्रयास किया गया। जिसके चलते पुलिस ने सुशील मुछ उसका बेटा मंजीत उर्फ टोनी, मालू उर्फ सोहवीर, रश्मि, धर्मवीर, अमित और हरिओम के विरुद्ध 120बी का आरोपी बनाये। न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट संख्या-चार उदयवीर सिंह की अदालत में मृतक बलविन्दर की पत्नी कंचन ने बयान दर्ज कराये कि उसके पति व सास की हत्या विनय और तरुण ने की थी। न्यायालय ने गवाही के लिए 29 नवंबर 2022 की तिथि नियत की है।

