नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। प्रियंका चोपड़ा और रिचर्ड मैडेन स्टारर ‘सिटाडेल’ लगभग तीन साल बाद लौट चुका है। शो का दूसरा सीजन रिलीज़ हो चुका है। पहले सीजन ने जबरदस्त सुर्खियां बटोरी थीं और रिलीज से पहले काफी हो-हल्ला हुआ था, लेकिन दूसरे सीजन में वैसा उत्साह देखने को नहीं मिला। सात एपिसोड का यह नया सीजन थ्रिल और सस्पेंस लेकर आया है।
कहानी
सीजन 2 की कहानी वहीं से शुरू होती है, जहां पहला सीजन खत्म हुआ था। इस बार बड़ा खुलासा है कि मेसन केन (रिचर्ड मैडेन) ही सिटाडेल का असली गद्दार था, जिसने अपनी मां दाहिला के लिए एजेंसी की गोपनीय जानकारी लीक की। बर्नार्ड ओर्लिक (स्टेनली टुची) अब मैंटिकोर के खतरनाक खिलाड़ी पाउल ब्रागा (गैब्रियल लियोन) के कब्जे में है। वहीं, नादिया (प्रियंका चोपड़ा) अपनी बेटी आशा के साथ शांतिपूर्ण जीवन जीने की कोशिश कर रही है।
ब्रागा एक तकनीक बना रहा है, जो इंसानों के दिमाग को नियंत्रित कर उन्हें हिंसक बना सकती है। उसका लक्ष्य रशियन राष्ट्रपति की हत्या है। बर्नार्ड किसी तरह ब्रागा के कब्जे से बचकर पूरी टीम को फिर से एकजुट करता है। अब कहानी ट्विस्ट और सस्पेंस से भरपूर हो जाती है, लेकिन कई बार धीमी और कमजोर लगती है।
निर्देशन और एक्शन
सीजन 2 को बड़े बजट और दमदार स्टारकास्ट के साथ तैयार किया गया है। इसमें एक्शन, रोमांस और इमोशन सभी शामिल हैं। हालांकि, कहानी कभी-कभी कन्फ्यूज करती है और कुछ जगह बोरियत भी महसूस होती है। कई एक्शन सीन्स रिपीट लगते हैं, लेकिन लोकेशंस, कैमरा वर्क और स्केल शो का सबसे बड़ा आकर्षण हैं।
संगीत
सीरीज का बैकग्राउंड स्कोर कई जगह उत्सुकता जगाता है, लेकिन कुल मिलाकर इसका शो में महत्व सीमित है।
कमियां
सीरीज की सबसे बड़ी कमी इसकी राइटिंग और स्टोरीलाइन है। अगर कहानी थोड़ी और मजबूत होती, तो यह बेहतरीन स्पाई-थ्रिलर बन सकती थी। कुछ ट्विस्ट दर्शकों को भ्रमित कर देते हैं और कहानी से पूरी तरह जुड़ना मुश्किल हो जाता है।
देखना चाहिए या नहीं?
प्रियंका चोपड़ा का प्रदर्शन शानदार है और उनके फैंस इसे जरूर देख सकते हैं। अगर आप स्पाई-थ्रिलर और एक्शन से भरपूर शो पसंद करते हैं, तो यह सीरीज औसत दर्शकों के लिए रोचक साबित हो सकती है। हालांकि, इंडियन दर्शकों ने अब कई हाई-लेवल थ्रिलर कंटेंट देख लिया है, इसलिए कुछ लोगों को यह सीरीज एवरेज लग सकती है।

