जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आयुष कॉलेजों में 891 फर्जी छात्रों के दाखिले के मामले में गिरफ्तार हुए दो कर्मचारियों को आज निलंबित कर दिया जाएगा। यह कर्मचारी राजेश सिंह व कैलाश भाष्कर है। इसके बाद इस मामले से जुड़े तीन अन्य कर्मचारियों को भी आरोप पत्र दिया जाएगा। इसके लिए तैयारी कर ली गई है। वहीं इस मामले में गिरफ्तार हुए आयुर्वेद के पूर्व निदेशक डॉ. एसएन सिंह व प्रभारी अधिकारी उमाकांत यादव को पहले ही निलंबित कर दिया गया है।
बता दें कि आयुष कॉलेजों में दाखिले में हुई हेराफेरी मामले में एसटीएफ द्वारा की गई गिरफ्तारी के बाद अब दाखिले से लेकर ट्रांसफर-पोस्टिंग तक के कारनामों की पोटली खुल रही है। इस मामले में एसटीएफ ने जांच करते हुए आरोपी पाए गए कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया था। जिन में से प्रो एसएन सिंह, प्रो उमाकांत को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। जबकि इन दोनों के साथ ही विभाग के लिपिक राजेश सिंह और कैलाश भास्कर को भी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। जिसके बाद इन दोनों पर लगे आरोपों की पड़ताल की गई और इन को निलंबित कर दिया जाएगा।
अब इस मामले में अन्य कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। इसमें डिस्पैच कार्यालय के रजिस्टर में कई तरह के बदलाव के मामले में कर्मचारियों को चिन्हित किया जा रहा है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि दाखिले के बाद तमाम पत्र सरकारी एवं निजी कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को नहीं भेजे गए थे। ऐसे में पुलिस को सूचना देने से पहले डिस्पैच से जुड़ी पत्रावलियों में हेराफेरी की गई। अब इस हेराफेरी में शामिल कर्मचारियों को भी चिन्हित किया जा रहा है। उन्हें नोटिस देने की तैयारी की गई है।

