Saturday, May 9, 2026
- Advertisement -

तेंदुआ शहर में ढूंढ रहा अपना प्रवास

  • शहर की तरफ बार-बार रुख कर रहा तेंदुआ
  • जंगल में प्राकृतिक आवास खत्म होने से शिकार की तलाश में आ रहे तेंदुए

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: हम जंगल को नुकसान पहुंचाते जाएं और जंगली जानवर शहरी क्षेत्र में न आए ऐसा कभी हो सकता है। कम से कम तेंदुआ तो खाने की तलाश में मेरठ के तमाम मोहल्लों में अपना प्रवास ढूंढ चुके हैं। पिछले आठ सालों के आंकड़ों पर नजर डाले तो तेंदुआ नौ बार शहर का दौरा कर चुका है। तेंदुओं की दस्तक से जहां लोगो में दहशत बढ़ रही है वही प्राकृतिक असंतुलन बढ़ रहा है।

तेंदुए की शहर में आवाजाही साल दर साल बढ़ रही है। 1994 में आबूलेन में केले वाली कोठी में पहली बार तेंदुए की दस्तक मेरठ में देखी गई थी। तेंदुए को पकड़ कर वन विभाग ने हस्तिनापुर के जंगल में छोड़ दिया था। आठ साल पहले 2014 में सदर बाजार में तेंदुआ घनी आबादी के बीच घुस आया था। इसके बाद 2016 में कैंट हॉस्पिटल में तेंदुए ने भारी बवाल मचाया था।

सरधना, हस्तिनापुर, गगोल, किठौर क्षेत्र में तेंदुआ दिख चुका है। वहीं घनी आबादी के बीच तेंदुए की आवाजाही ने आम जन के मन में दहशत बढ़ा दी है। लगातार कट रहे जंगलों का असर शहर की आबादी पर दिखना शुरू हो गया है। साल दर साल जंगलों को छोड़कर शहर की सीमा में प्रवेश करने वाले तेंदुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कुछ ऐसा ही शुक्रवार देर रात हुआ जब जंगलों से एक तेंदुआ अपनी राह भटक कर टीपीनगर के ज्वालानगर में पहुंच गया।

देर रात सीसीटीवी कैमरे में तेंदुए के फोटो आने के बाद वन विभाग की पांच टीमों ने तेंदुए की तलाश शुरू कर दी थी, लेकिन तेंदुए का पता नहीं चला। मई महीने में परीक्षितगढ़ में एक तेंदुए की मादा शावक को ग्रामीणों ने उठा लिया था। इस कारण तेंदुए ने अपने शावक को स्वीकार करने से इंकार कर दिया था। तीन दिन तक इंतजार करने के बाद शावक को शीबा नाम देकर गोरखपुर चिड़ियाघर भेज दिया गया था।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्राकृतिक आवास खत्म होने या कम होेने के कारण जंगली जानवर शहर की तरफ रुख कर रहे है। दस दिन पहले सांभर भी जंगल से भटक कर कमिश्नरी चौराहे पर आ गया था। जिसे कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग ने पकड़ने के बाद छोड़ा था। दरअसल, कैंट क्षेत्र में घना जंगल होने और सांभार की मौजूदगी भी तेंदुए के आने का कारण बन रही है।

डीएफओ राजेश कुमार का कहना है कि तेंदुए लगातार शहर की तरफ आ रहे हैं, इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। भोजन की तलाश में जब वे जंगल से बाहर निकल कर आते हैं तो रास्ता भटक जाते हैं। इसके अलावा छोटे जानवर आसानी से शिकार बन जाते है। जहां भी तेंदुए की मौजूदगी का पता लगता है तो टीमें लगाकर रेस्क्यू का प्रयास किया जाता है और कई बार सफलता भी मिलती है।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

Meerut News: बहनोई ने महिला पर किया चाकू से हमला, लोगों ने पकड़कर पीटा

जनवाणी ब्यूरो | सरधना: थाना क्षेत्र के ईदगाह रोड स्थित...

राजनीति में अंतर्निहित आर्थिक संभावना

अच्छे से अच्छा खान-पान, अच्छे से अच्छा सहन-सहन और...

प्राथमिकताएं बदलते जनादेश

बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी से सामने आए...

लहूलुहान हुआ लोकतंत्र

पश्चिम बंगाल की जनता ने भाजपा को प्रचंड बहुमत...
spot_imgspot_img