जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दौरान स्कॉटलैंड के ग्लास्गो स्थित एक भारतीय रेस्तरां में भारत के गलत नक्शे को लेकर विवाद खड़ा हो गया। जानकारी के अनुसार, भारतीय खिलाड़ियों के सम्मान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान परोसे गए नैपकिन पर छपे भारत के नक्शे में पूर्वोत्तर राज्यों को नहीं दर्शाया गया था। इस पर ओलंपिक कांस्य पदक विजेता और भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। लवलीना ने इस संस्करण के कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक अपने नाम किया।
लवलीना बोलीं—भारत का हर हिस्सा समान रूप से महत्वपूर्ण
असम की रहने वाली लवलीना बोरगोहेन ने जैसे ही नैपकिन पर छपा नक्शा देखा, उन्होंने तत्काल आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा, “नैपकिन पर बने नक्शे में हमारा पूर्वोत्तर नहीं दिखाया गया है। बाहर लगे मैप में भी नॉर्थ ईस्ट गायब है। यह देखकर मुझे बहुत दुख हुआ। भारत का हर हिस्सा महत्वपूर्ण है और उसे सही तरीके से दिखाया जाना चाहिए।” उनके इस बयान के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया।
बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह ने भी उठाए सवाल
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह ने भी रेस्तरां में इस्तेमाल किए गए नक्शे पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि नक्शे में केवल पूर्वोत्तर ही नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर का भी अधूरा चित्रण किया गया है। उन्होंने रेस्तरां प्रबंधन से सभी गलत नक्शे वाले नैपकिन हटाने और उनकी जगह भारत की संपूर्ण भौगोलिक सीमा को सही रूप में दर्शाने वाले नक्शे का उपयोग करने की मांग की।
रेस्तरां की ओर से अब तक नहीं आया कोई बयान
ग्लास्गो का ‘मिस्टर सिंह्स इंडिया – द होम ऑफ करी’ शहर के प्रमुख भारतीय रेस्तरां में गिना जाता है। पिछले लगभग तीन दशकों से संचालित यह रेस्तरां कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और विशिष्ट मेहमानों की मेजबानी करता रहा है। हालांकि, विवाद सामने आने के बाद भी रेस्तरां प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।
भारतीय मुक्केबाजों का ऐतिहासिक प्रदर्शन
इस विवाद के बीच भारतीय मुक्केबाजी टीम ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। भारत ने मुक्केबाजी में कुल 10 पदक जीते, जिनमें 7 स्वर्ण और 3 रजत शामिल रहे। प्रीति पवार, जैस्मिन लंबोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास, अरुंधति चौधरी, सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने स्वर्ण पदक जीते, जबकि जादूमणि सिंह, लवलीना बोरगोहेन और नरेंद्र बेरवाल ने रजत पदक हासिल किए। भारतीय टीम के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बीच गलत नक्शे को लेकर उठा विवाद भी सुर्खियों में बना हुआ है।

