Friday, May 1, 2026
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सिक्किम में हुए सडक हादसे में शहीद हुआ जवान

  • पैतृक गांव युसुफपुर में होगा शहीद का अंतिम संस्कार
  • राजनीतिक हस्तियों ने शहीद के परिजनों को बंधाया ढांढस

जनवाणी संवाददाता |

भोपा: सिक्किम में हुए सड़क हादसे में शहीद हुए भोपा थाना क्षेत्र के गांव यूसुफपुर निवासी लोकेश सहरावत का अंतिम संस्कार रविवार को पैतृक गांव युसुफपुर में किया जाएगा। प्रशासन ने बड़ी राजनीतिक हस्तियों के आगमन के मद्देनजर शनिवार सुबह से युध्दस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी है। शनिवार सुबह से ही शहीद के घर राजनीतिक हस्तियों का पहुंचना शुरू हो गया था और ग्रामीणों ने प्रशासन के सहयोग से शहीद के खेत में साफ सफाई करते हुए अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी थी।

सिक्किम में हुए बड़े बस हादसे में 16 जवानों के साथ ही भोपा थानाक्षेत्र के गांव युसुफपुर का जवान लोकेश सहरावत शहीद हो गया। बस में 20 जवान सवार थे। जिनमे से चार जवानों की हालत गम्भीर बनी हुई है। शुक्रवार देर शाम जैसे ही लोकेश सहरावत के शहीद होने की खबर क्षेत्र में फैली वैसे ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी और ग्रामीण शहीद लोकेश कुमार के परिजनों को सांत्वना देने के लिए घर पर पहुंचने शुरू हो गए। शनिवार सुबह उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष डा. वीरपाल निर्वाल व मीरापुर विधायक चंदन चौहान ने शहीद के गांव पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी।

वालीबॉल खिलाड़ी स्पोर्ट्स कोटे से सेना में हुआ था भर्ती

भोपा थाना क्षेत्र के गांव यूसुफपुर निवासी उदयवीर सहरावत का इकलौता पुत्र लोकेश सहरावत 2013 में 25 ग्रेनेड आर्मी यूनिट में भर्ती हुआ था लोकेश सहरावत की प्रारंभिक शिक्षा जनता इंटर कॉलेज भोपा में हुई थी। वॉलीबॉल का अच्छा खिलाड़ी होने के कारण लोकेश कुमार स्पोर्टस कोटा से सेना में भर्ती हुआ था। लोकेश के दोस्तों के अनुसार वह काफी मिलनसार स्वभाव का था। दो वर्ष पूर्व लोकेश सहरावत की शादी खतौली थाना क्षेत्र के गांव खानपुर निवासी तनु के साथ हुई थी लोकेश कुमार की इकलौती बहन रश्मि की शादी निकटवर्ती गांव करहेड़ा में हुई है।

गुरुवार की शाम परिजनों को किया था आखिरी फ़ोन

लोकेश कुमार के शहीद होने की खबर पाकर पिता उदयवीर सहरावत बड़े सदमे में है रुंधे गले से उन्होंने बताया कि गुरुवार देर शाम उनके पुत्र ने फोन कर परिवार के सभी सदस्यों से बात की थी। तब उसने बताया था कि वह जल्द ही घर आएगा। परिजनों को क्या मालूम था कि उससे हुई यह बात आखरी साबित होगी।

दस दिन पूर्व गेंहू की बुआई करा कर गया था वापिस

परिजनों के अनुसार डेढ़ माह पूर्व वह एक माह की छुट्टी पर घर आया था और छुट्टी के दौरान अपने पिता का हाथ बंटाते हुए उसने खेतों में गेहूं की बुवाई कराई थी। लोकेश कुमार के दोस्त बताते हैं कि रिटायरमेंट के बाद उसका इरादा सड़क किनारे अपने खेतों में बड़ा मकान बनाने और बिजनेस करने का था जिसके लिए वह अक्सर दोस्तों से सलाह मशवरा किया करता था। दस दिन पूर्व वह जल्दी ही आने का वादा कर वापिस ड्यूटी पर चला गया था।

खतरनाक इलाको में शुमार है हादसे वाला स्थान

सिक्किम के जिस स्थान पर बस हादसे में 16 जवान शहीद हुए हैं वह इलाका खतरनाक स्थानों में शुमार है एक सर्वे के अनुसार इस इलाके के छातेन और थांगु के बीच सड़क में काफी घुमाव हैं जिसके चलते यहां गाड़ियां का मूवमेंट काफी जोखिम भरा रहता है. डोकलम विवाद (2017) के बाद इस इलाके में टैंक और बीएमपी-व्हीकल्स की तैनाती के वक्त भी भारतीय सेना को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। बीते शुक्रवार को तीन आर्मी ट्रकों का काफिला नॉर्थ सिक्किम के छातेन से थांगु की तरफ जा रहा था जेमा के करीब तीव्र मोड़ पर एक ट्रक फिसलकर सड़क से नीचे आ गिरा. हादसा इतना भीषण था कि ट्रक के परखच्चे उड़ गए. इस ट्रक में कुल 20 जवान सवार थे। हादसे में 16 सैनिकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

पूरे क्षेत्र में फैली शोक की लहर
भोपा थाना क्षेत्र के गाँव युसुफपुर निवासी लोकेश पुत्र उदयवीर सहरावत के सड़क हादसे में शहीद होने की सूचना शुक्रवार देर शाम गाँव पहुँची तो गाँव व क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल,भाजपा क्षेत्रीय मन्त्री अमित राठी, ब्लॉक् प्रमुख अनिल राठी, रालोद नेता अमित ठाकरान, वरुण सहरावत, संदीप गुर्जर सहित पूर्व सैनिकों की संस्था से जुड़े सैनिको ने घटना पर गहरा दुख प्रकट किया है।

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