जनवाणी ब्यूरो |
देहरादून/नैनीताल: उत्तराखंड बार काउंसिल ने जांच के बाद 1200 अधिवक्ताओं के प्रमाण पत्रों की जांच के बाद सर्टीफिकेट एन्ड प्लेस ऑफ प्रैक्टिस जारी कर दिया गया। इससे पहले काउंसिल की जांच समिति 1395 व 500 अधिवक्ताओं को प्रैक्टिस का सर्टिफिकेट जारी कर चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में आदेश पारित किया था कि देशभर के बार एसोसिएशन अधिवक्ताओं की डिग्री की जांच करें। इस आदेश अनुपालन में उत्तराखंड बार काउंसिल द्वारा 2017 से पहले पंजीकृत समस्त अधिवक्ताओं की डिग्री की जांच को कमेटियां बनाई।
कमेटियों द्वारा अधिवक्ताओं के डिग्री के सत्यापन को संबंधित विश्विद्यालय या काॅलेज भेजा जा रहा है। वहां जांच के बाद डिग्री मान्य होने पर सर्टीफिकेट ऑफ प्रैक्टिस जारी किया जा रहा है। फिलहाल राज्य में 13 हजार अधिवक्ताओं के प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जा रहा है। जबकि राज्य में अधिवक्ताओं की संख्या करीब 17 हजार है। 2017 के बाद अधिवक्ताओं की डिग्री की जांच अनिवार्य की गई है।
मंगलवार को बार काउंसिल उपाध्यक्ष राजबीर बिष्ट व बार काउंसिल सदस्य प्रभात कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में जांच के बाद करीब 1200 अधिवक्ताओं को सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस जारी किया गया। बैठक में बार काउंसिल सदस्य नंदन सिंह कन्याल, राकेश गुप्ता, अर्जुन भंडारी, रंजन सोलंकी, मेहरबान सिंह कोरंगा आदि मौजूद रहे।

