- अधिक गन्ना-चीनी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है यह प्रजाति, चोटी बेधक और पोक्का बोईंग रोगों से प्रभावित हुई प्रजाति
जनवाणी संवाददाता |
शामली: कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डा. विकास मलिक द्वारा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया गया। इस दौरान किसानों ने बताया कि चोटी बेधक (टॉप बोरर), पोक्का बोर्इंग के कारण को.-0238 की पैदावार में गिरावट आयी है। फलस्वरूप किसानों को अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी क्रम में विभिन्न क्षेत्रों से फोन कॉल द्वारा भी किसानों ने अवगत कराया कि इस बार भी पूर्व वर्षों की भांति टॉप बोर्र एवं पोक्का बोर्इंग का गन्ना फसल पर प्रकोप क्षेत्र में अधिक है।
डा. विकास मलिक ने किसानों को बताया कि एक ही प्रजाति का रकबा अधिक होने से रोग व कीट के अत्यधिक होने की सम्भावना रहती है। इस कारण कृषकों को गन्ना प्रजाति में बदलाव कर देना चाहिए। बसंतकालीन बुवाई वर्ष 2023 में किसानों को अधिक से अधिक क्षेत्रफल में गन्ना प्रजाति को-0118, को-15023, को़ शा-13235 एवं को़ लख-14201 की बुवाई ट्रेंच विधि से करनी चाहिए।
डाक्टर मलिक ने बताया कि कि हमें क्षेत्र में प्रजाति बदलाव के साथ साथ 5टी 1 वी टेक्नोलॉजी को अपनाते हुए क्षेत्र में गन्ने की उत्पादकता को बरकरार रखना चाहिए।

