Friday, April 24, 2026
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तुर्की-सीरिया में भूकंप का जलजला, 4000 जिंदगियां खत्म, 35000 के मरने की आशंका!

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: बीते सोमवार को तुर्की और सीरिया में आए भूकंप से अब तक 4000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। मौत के लगातार बढ़ते हुए आंकड़े भारी तबाही के संकेत जहां दे रहे हैं तो वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि जलजले से हुई तबाही में मौत का आंकड़ा 35000 के आस पास तक पहुंच सकता है। हालत यह है कि दोनों देशों में अभी भी भूकंप के झटके लगातार लग रहे हैं। ऐसे में मरने वालों की संख्या अनुमान से कहीं ज्यादा हो सकती है।

तुर्की और सीरिया में सोमवार को आए भूकंप ने अब तक चार हजार लोगों की जान ले ली है। 7.8 की तीव्रता वाले भूकंप के बाद एक और भूकंप आया जिसकी तीव्रता 7.6 थी। तुर्की और सीरिया में अभी तक भूकंप के बाद झटके आने का सिलसिला जारी है। यह भूकंप पिछले कुछ सालों में आया सबसे खतरनाक भूकंप है।

तुर्की और सीरिया में सोमवार को आए जलजले ने अब तक 4000 लोगों की जान ले ली है। तीन बड़े भूकंप के बाद तुर्की और सीरिया में तबाही का माहौल है। रिक्‍टर स्‍केल पर 7.8, 7.6 और 6 की तीव्रता वाले भूकंप के बाद हर तरफ लाशों का ढेर लगा हुआ है। न्‍यूज एजेंसी एपी की तरफ से बताया गया है कि हजारों लोग घायल हैं और इमारतों के मलबे में अपनों की तलाश जारी है।

भारत समेत दुनिया के कई देशों की तरफ से राहत सामग्री रवाना कर दी गई है। डिजास्‍टर एंड इमरजेंसी मैनेजमेंट अथॉरिटी (AFAD) तुर्की में भूकंप से 2921 और सीरिया में 1444 लोगों की जान गई है। माना जा रहा है कि इस आंकड़े में अभी इजाफा होने वाला है।

पहला भूकंप तुर्की के गजियानटेप प्रांत के करीब नूरदागी में आया जो सीरिया के बॉर्डर पर है। दूसरा भूकंप एकिनोझाहू में आया जो कहारनमारस के पास है और तीसरा भूकंप गोकसन में आया जो इसी प्रांत में पड़ता है। इस विनाशकारी भूकंप के बाद राष्‍ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान की तरफ से सात दिनों का राष्‍ट्रीय शोक घोषित किया गया है। इस दौरान पूरे देश में और दूसरे देशों में इसके दूतावासों पर तुर्की के झंडों को आधा झुकाया रखा जाएगा। मंगलवार को तुर्की और सीरिया में भूकंप के बाद झटकों के आने का सिलसिला जारी है। 24 घंटे में यहां पर कई झटके आ चुके हैं जिनके बाद लोगों में दहशत का माहौल है।

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की तरफ से कहा गया है कि भूकंप की वजह से दोनों देशों में मृतकों का आंकड़ा 20,000 तक पहुंच सकता है। संगठन के एक सीनियर इमरजेंसी ऑफिसर कैथरीन स्‍मॉलवुड की मानें तो अभी तबाही की पूरी तस्‍वीर नहीं आई है और शुरुआती आंकड़ों की तुलना में यह आठ गुना ज्‍यादा हो सकती है। यानी हो सकता है कि तुर्की और सीरिया में भूकंप से करीब 35 हजार लोगों की जान चली गई हो। विशेषज्ञों के मुताबिक तीन बड़े झटकों के अलावा अब तक 100 से ज्‍यादा झटके आ चुके हैं। पूरी दुनिया ने तुर्की और सीरिया के लिए राहत सामग्री भेजनी शुरू कर दी है।

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