Sunday, March 15, 2026
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नेत्रपाल हत्याकांड पर ‘कुंडली’ मारकर बैठी पुलिस

  • 10 माह बाद भी पहेली बना हुआ है नेत्रपाल हत्याकांड

जनवाणी संवाददाता |

सरूरपुर: 10 माह बीतने के बाद भी पांचली बुजुर्ग के नेत्रपाल हत्याकांड की गुत्थी अब भी उलझी हुई है। वादी की फरियाद और अधिकारियों की फटकार के बाद भी पुलिस 10 महीने बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। नेत्रपाल हत्याकांड में 6 लोगों के नामजदगी और 2 दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ के बाद भी पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। पुलिस की कहानी अपने ही बुने जाल में फंस कर रह गई है और नेत्रपाल हत्याकांड दस माह बाद भी अबूझ पहेली बन कर रह गया है।

घटनास्थल आर्यगऊ गोशाला पांचली बुजुर्ग घटना 6 अप्रैल 2022 समय लगभग रात के 12 बजे गोशाला पर मौजूद हारून व नेत्रपाल पर कुछ सशस्त्रधारी लोग हमला करते हैं। जिनमें नेत्रपाल की गोली मारकर हत्या कर दी जाती है और हारून गंभीर रूप से घायल हो जाता है। घटना में अगले दिन मृतक नेत्रपाल के भाई चरण सिंह गांव के ही 6 लोगों को नामजद करते हैं। जिनमें से 4 लोग मुस्लिम,दो हिंदू व पांच अज्ञात भी दिखाए जाते हैं।

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घटना की जांच तत्कालीन थानाध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह ने की। कई महीने तक चले घटनाक्रम के बाद पुलिस कार्यवाही शून्य रही। इसके बाद से लगातार पुलिस फॉरेंसिक, सर्विलांस की जांच पर जांच चलती है। एसओजी तक सक्रिय होती है लेकिन अब लगभग 10 महीने हो चुके हैं।नतीजा आज भी ढाक के तीन पात ही है।पुलिस अभी तक हत्याकांड पर कुंडली मारे बैठी हुई है और किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है।

वादी और चश्मदीद की कहानी में पुलिस उलझी

मृतक के भाई चरण सिंह की ओर से जहां हत्याकांड में छह लोगों को नामजद करते हुए उन पर हत्या का आरोप लगाया तो,वहीं घटना में चश्मदीद और हमले में गंभीर रूप से घायल हारून ने पुलिस को नामजद से अलग छह नाम इसरार, इस्तकार, गुलजार, मुजम्मिल, मुस्तकीम व रमेश हमलावर बताए।

जिसके बाद पुलिस ने जहां एक-एक कर चश्मदीद हारून की कहानी सच मानते हुए सभी छह लोगों से गंभीरता से कई चरणों में पूछताछ की। लेकिन चश्मदीद और वादी दोनों की कहानी और बयानों में पुलिस उलझ कर रह गई और नतीजा कुछ नहीं निकल पाया। जिन्हें अधिकारियों के आदेश पर रिहा कर दिया जाता है।

ये लोग हुए थे नामजद

सुमित पुत्र नरेश संजीव उर्फ जाली पुत्र महावीर निवासी गांव बपारसी थाना सरधना, सद्दाम पुत्र जीशान, अब्बास पुत्र यामीन, दीनू पुत्र अली मोहम्मद व इसरार पुत्र मोमिन निवासी गांव पांचली बुजुर्ग थाना अलावा पांच छह अज्ञात लोग भी मृतक के भाई चरण सिंह ने दी तहरीर में दर्शाए थे।

302 दिन, 36 लोग 52 मोबाइल की कॉल डिटेल

हत्याकांड में अभी तक 302 दिन में नामजद जांच और प्रकाश में आए लोगों संदिग्धों व आसपास के लगभग 3 दर्जन से भी अधिक लोगों से पुलिस पूछताछ और दो आईओ बदलने के साथ ही लगभग 52 से अधिक लोगों के मोबाइल की कुंडली भी खंगाल चुकी है।

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