Friday, May 1, 2026
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सरधना में हर्ष फायरिंग के विरोध में युवक को मारी गोली

  • गंभीर हालत में घायल को अस्पताल में कराया भर्ती, पीड़ित पक्ष ने दी तहरीर

जनवाणी संवाददाता |

सरधना: शादियों में हर्ष फायरिंग अब काफी आम हो चुकी है। चाहे कोई भी कार्यक्रम हो बिना इसके ऐसा लगता है कि खुशी जाहिर की ही नहीं जा सकती है, लेकिन ये हर्ष फायरिंग कभी गम में भी बदल जाती है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि लगातार रोक के बावजूद शादी और विभिन्न आयोजनों में हर्ष फायरिंग की घटना थम नहीं रही है और हर्ष फायरिंग में न सिर्फ लोगों की जान जा रही है, बल्कि कई लोग घायल भी हो जा रहे हैं।

इसके बावजूद लोग हर्ष फायरिंग करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे में जहां सरकार ने इस पर कड़ा रुख अपनाकर कानून बनाया तो वहीं आम जनता को भी चाहिए कि वह इस कानून का पालन करें और हंसी खुशी से नाच गाकर या अन्य तरीके से खुशी मना कर शादी समारोह करें। क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही किसी की जान पर बहुत भारी पड़ सकती है। कानून बन जाने के बावजूद इस प्रकार की घटनाएं रुक नहीं रही हैं।

खुशी को मातम में बदल देने वाली हर्ष फायरिंग कड़े कानून और अकाल मौतों की घटनाओं के बावजूद कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कहीं डांसर तो कहीं बैंडवालों, कहीं बरात देख रहे बच्चों और महिलाओं तो कहीं दूल्हा-दुल्हन या उनके रिश्तेदारों को ही गोली लग जाती है। लोग घायल हो जाते हैं या मौत के मुंह में भी समा जाते हैं। हर्ष फायरिंग अब केवल बरातों तक ही सीमित नहीं रह गई है।

जन्मदिन, शादी की वर्षगांठ, विजय जुलूस, नए साल का जश्न, धार्मिक आयोजनों आदि आदि किसी भी खुशी के अवसर पर खुलेआम इसका भोंडा प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके अलावा पहले यह गांवों तक ही सीमित थी, परंतु अब शहरों, यहां तक कि कानून बनाने वाले नेताओं को भी कोई परहेज नहीं रह गया है और फायरिंग को खुशी के इजहार का माध्यम बना दिया गया है।

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हर्ष फायरिंग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है। हाल में लगातार इस तरह के मामले सामने आये हैं, लेकिन पुलिस की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। एक बार फिर हर्ष फायरिंग का मामला सामने आया है। शनिवार की रात खेड़ा गांव में हर्ष फायरिंग का विरोध करना एक युवक को महंगा पड़ गया। आरोप है कि दबंग ने अवैध मसकट से युवक पर फायरिंग कर दी।

गोली युवक की अंगुली को उड़ाते हुए जांघ में जा लगी। जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। आरोपी हथियार लहराते हुए फरार हो गया। परिजनों ने घायल को उपचार के लिए नगर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। पीड़ित पक्ष ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली में तहरीर देते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की। पुलिस की तमाम रोक के बाद भी हर्ष फायरिंग की वारदातें रुकने का नाम नहीं ले रही हैैं।

सारे नियम कायदे ताख पर रखकर बारात में मौजूद लोग अवैद्य असलहों से फायरिंग कर रहे हैैं। कोतवाली क्षेत्र के खेड़ा गांव निवासी कुलदीप सोम के पुत्र शुभनेश की शनिवार की रात घुड़चढ़ी थी। जिसमें कुछ युवक हर्ष फायरिंग कर रहे थे। तभी गांव का ही चिंटू पुत्र जसवीर सामान लेने दुकान पर गया था। घुड़चढ़ी के दौरान भीड़ में अवैध मसकट से फायरिंग कर रहे एक युवक को चिंटू ने रोकने की कोशिश की।

आरोप है कि युवक ने उस पर फायरिंग कर दी। गोली युवक के हाथ को चीरते हुए जांघ में जा लगी। जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। आरोपी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गया। परिजनों को इसकी सूचना मिली तो मौके पर पहुंचे। परिजनों ने घायल को उपचार के लिए नगर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। पीड़ित पक्ष ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली में तहरीर देते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की।

खुलेआम उड़ाई जा रहीं धज्जियां

खुशी के मौके पर हो रही हर्ष फायरिंग तमाम नियम कानून के बावजूद भी नहीं रुक पा रही है। शादी, जन्मदिन और अन्य समारोह में आए दिन हर्ष फायरिंग हो रही है, मगर कोई भी इस तरह की घटनाओं से सीख नहीं ले रहा हैं। साथ ही हर्ष फायरिंग रोकने में पुलिस भी कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रही है,

जिसके कारण हर्ष फायरिंग की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। बोर्ड एग्जाम शुरू होने से पहले ही धारा 144 लागू कर दी गई थी। बिना अनुमति के सडक पर न तो बैैंडबजा सकते हैैं और न ही भीड़ लेकर कहीं जा सकते हैैं। सरकार ने इसी वजह से बरात के लिए परमिशन लेने की बात कही थी, लेकिन कुछ संचालकों की शह पर परमिशन लेने का काम गड्ढे में चला गया है।

घुड़चढ़ी के दौरान आतिशबाजी में झुलसा बालक, संघर्ष

शनिवार की रात चौक बाजार मोहल्ले में घुड़चढ़ी के दौरान की गई आतिशबाजी में एक बालक घुलस गया। मामले को लेकर दोनों पक्षों के लोगों में जमकर मारपीट हुई। जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। झगड़े में कई लोग घायल हो गए। परिजनों ने गंभीर घुलसे बालक को उपचार के लिए मेरठ अस्पताल में भर्ती कराया।

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दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। शनिवार की रात खेवान मोहल्ला निवासी अनुज पुत्र बीरपाल की घुड़चढ़ी हो रही थी। वह जैसे ही चौक बाजार में हरलालपुरा के सामने पहुंचे तो कुछ युवकों ने आतिशबाजी शुरू कर दी। जिसमें वहां से गुजर रहा बालक फरहान पुत्र हसमत बुरी तरह झुलस गया। बालक की गर्दन में कुछ घुस गया।

मामले को लेकर दोनों पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। झगड़े में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए। परिजनों ने झुलसे बालक को उपचार के लिए मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है।

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