- बेसिक शिक्षा जिला मुख्यालय का 35 साल से ज्यादा समय से नहीं जमा हाउस टैक्स
- जिले में आठवीं तक के निजी और सरकारी स्कूलों से जुड़े सभी कार्य होते हैं यहां से
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बेसिक शिक्षा जिला मुख्यालय में आठवीं तक की शिक्षा देनें वाले सरकारी व निजी स्कूलों से जुड़े सभी कार्य होते है। साथ ही सरकार द्वारा चलाई जानें वाली योजनाओं को भी इसी भवन से क्रियांवित किया जाता है। लेकिन पिछले 35 सालों से जिला मुख्यालय की बिल्डिंग का हाऊसटैक्स नगर-निगम में जमा नहीं हुआ है। अब इस भवन का हाऊसटैक्स जमा नहीं होनें पर सिलिंग की कार्रवाई तक हो सकती है।
बेसिक शिक्षा जिला मुख्यालय ने नगर निगम का हाऊसटैक्स पिछले 35 साल से जमा नहीं किया है। अब यह टैक्स बढ़कर 74 लाख से अधिक हो चुका है। लेकिन शासन से बजट नहीं मिलने की स्थिति में नगर निगम इस भवन में सिलिंग की कार्रवाई कर सकता है। ऐसे में विभाग से जुड़े स्टाफ का काम भी प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। यदि नगर-निगम हाऊसटैक्स वसूलने के लिए बिल्डिंग की नीलामी करने लगा तो मामला और उलझ सकता है।

बेसिक शिक्षा जिला मुख्यालय से पूरे जिले में आठवीं तक के सभी स्कूलों से जुड़े कार्य होते है। इनमें निजी स्कूलों की मान्यता से लेकर सरकारी योजनाओं को अमली जामा पहनाने की प्रक्रिया शामिल है। लेकिन शिक्षा से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग की बिल्डिंग पर ग्रहकर के रूप में इतनी मोटी धनराशी बकाया होना अपने आप में सवाल पैदा कर रहा है। बताया जा रहा है 1990 से पहले से ही कभी बेसिक शिक्षा विभाग ने नगर निगम में कोई हाऊसटैक्स जमा नहीं कराया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा शिक्षा निदेशक बेसिक को भेजे गए पत्र में जिला मुख्यालय के ग्रहकर के भुगतान के लिए बजट की मांग की है। अंतिम पत्र 21 मार्च को भेजा गया है। इससे पहले भी विभाग कई बार सचिव बेसिक शिक्षा परिषद् प्रयागराज समेत शासन को पत्र लिख चुका है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सवाल यह है कि क्या शासन के पास बजट का आभाव है या अन्य किसी कारण से पैसा नहीं भेजा जा रहा है। बजट नहीं आनें से विभाग के कार्यालय पर सीलिंग प्रक्रिया हो सकती है जिससे शिक्षा का अधिकार पाने वाले लाखों बच्चों पर असर पड़ सकता है।