- अलग-अलग सात निर्माण कार्यों के 55-60 लाख रुपये के बजट में छोडेÞ गये टेंडर
- 13 लाख का अलग से आठवां ठेका पहली बार ग्रीन बेल्ट के लिये छोड़ा गया
- गत वर्ष 50 लाख रुपये का खर्च, जोकि शासन से मिला था, जिला पंचायत द्वारा निर्माण पर किया था खर्च
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम के द्वारा मेला नौचंदी के सफल आयोजन के लिये इस बार आठ अलग-अलग निर्माण कार्यों के लिये करीब 70 लाख रुपये में टेंडर छोड़ा गया है। जिसमें सात टेंडर 55 से 60 लाख रुपये के बजट के शामिल हैं। जबकि आठवां ठेका जो पहली बार छोड़ा गया है। वह 13 लाख रुपये का ग्रीन बेल्ट के लिये छोड़ा गया है। जिसमें निर्माण कार्यों के टेंडर छोड़े जाने के बाद पटेल मंडप की रंगाई-पुताई का कार्य शुरू हो गया है। जिस जगह से दीवारें आदि क्षतिग्रस्त हो रही है।
उसकी मरम्मत का कार्य भी शुरू किया गया है। अब देखना ये है कि गत वर्षों की अपेक्षा इस बार निर्माण कार्यों पर अलग से बजट बढ़ाकर खर्च किया गया है। जिसमें जो बजट बढ़ाया गया है। उससे मेले में कितनी सुंदरता और बढ़ेगी। फिलहाल जो टेंडर छोड़े गये हैं। उसमें अभी धरातल पर ज्यादा कुछ दिखाई नहीं पड़ रहा है। अभी केवल रंगाई-पुताई का कार्य जो शुरू कराया गया है। वह ही धरातल पर दिखाई पड़ रहा है।

ऐतिहासिक एवं प्रांतीय मेला नौचंदी के उद्घाटन को 15 दिन बीतने के बाद अब रंगाई-पुताई एवं मरम्मत का कार्य शुरू किया गया है। इससे पूर्व एक सड़क का निर्माण कराया गया था। जिस पर बजरी उखड़ी दिखाई दी। जिसमें वह बनते ही 24 घंटे के भीतर ही उखड़ती दिखाई पड़ी। कई जगहों पर सड़क में बने गड्ढों में पेंचवर्क कराया गया था। वह भी उखड़ गया है। वहीं, जो सफेद सीमेंट से दीवारों पर पुट्टी एवं पुताई कराई जा रही है। वह कितने दिन टिकेगी, उसका पता तो बाद में ही चल सकेगा, लेकिन फिलहाल अब नौचंदी मेले में रंगाई-पुताई का कार्य होता दिखाई देने लगा है।
अवर अभियंता पदम सिंह से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि मंगलवार को महावीर जयंती के मौके पर वह अवकाश होने के कारण सटीक धनराशि नहीं बता सकते हैं कि कितने में ठेके छोड़े गये हैं, लेकिन इस बार नौचंदी मेले के सफल आयोजन के लिये अनुमानित 55 से 60 लाख रुपये में सात अलग-अलग निर्माण कार्यों के टेंडर छोडेÞ गये हैं। जिसमें रंगाई-पुताई, सड़क निर्माण, पेंचवर्क समेत अन्य निर्माण कार्य शामिल हैं। इस बार मेले में जो गमले आदि अस्थाई रूप से मेले के दौरान सजावट के लिये लगाये जाते थे।
इस बार अलग से 13 लाख रुपये का बजट रखा गया है। जिसमें इस आठवें टेंडर में 13 लाख रुपये से ग्रीन बेल्ट निर्माण का कार्य भी शामिल किया गया है, ताकि वह ग्रीन बेल्ट स्थाई बन सके और उसका फायदा मेला संपन्न होने के बाद भी लोगों को मिलता रहे। गत वर्ष जिला पंचायत द्वारा शासन से जो 50 लाख रुपये खर्च किये गये थे। इस बार करीब 55 से 60 लाख एवं 13 लाख रुपये आठवें टेंडर के बाद जो खर्च होंगे। कुल मिलाकर करीब 70 लाख रुपये खर्च किये जायेंगे।

अब देखना ये है कि इस बजट में मेले में कितनी और सुंदरता आती है या पूर्व की भांति ही इस बार भी मेले में वहीं हालात दिखाई देंगे, जिस तरह से पूर्व में दिखाई दिये। प्रत्येक वर्ष मेले के आयोजन से पूर्व करीब 50 लाख रुपये से अधिक का खर्च निर्माण कार्यों पर किया जाता है, लेकिन दूसरे वर्ष फिर से इतना भारी भरकम बजट मेले के आयोजन पर खर्च किया जाता है। वह अगले वर्ष तक दिखाई नहीं पड़ पता। रंगाई-पुताई को यदि छोड़ दिया जाये तो जो बजट सड़क या अन्य स्थाई निर्माण पर खर्च किया जाता है। वह तो दिखाई पड़ना चाहिए।

