- सावधान! नौचंदी मेला देखने आए तो जरा संभलकर, जा सकती है जान और गंदगी से पड़ सकते हैं बीमार
- गनीमत रही कि नौचंदी मेले में कार्यक्रमों की तिथि चुनाव को लेकर कुछ आगे बढ़ी
- नहीं तो गंदगी से होता अतिथियों का स्वागत
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: प्रांतीय मेला नौचंदी देखने का जो लोग मन बना रहे हैं तो जरा इस बार संभलकर आए यदि थोड़ी भी लापरवाही बरती तो आपकी जान पर बन सकती है। नौचंदी मेला समिति जो बनी है, वह शायद इस बार लोग मेले में सुरक्षित तो आए, लेकिन मेला देखने के बाद सुरक्षित घर को वापस लौटे, यह कहा नहीं जा सकता। यह सब हम आपको इसलिये बता रहे हैं कि मेला उद्घाटन के एक माह बाद भी नौचंदी मेले में बेशुमार गंदगी पसरी हुई है।

बिन बरसात के नौचंदी मेले में जाने वाले रास्तों पर जलभराव की समस्या हो या फिर टूटे विद्युत पोल एवं जमीन पर पडेÞ विद्युत तार मेले की बेकद्री की दास्तां बयां कर रहे हैं। यदि मेले में आए तो सावधान होकर आए कि गंदगी के ढेर से दूर रहना है, ताकि बीमार न पड़ सकें। वहीं, दूसरी ओर टूटे विद्युत पोल एवं जमीन पर पडेÞ तारों की चपेट में आकर कोई हादसा न हो उसके लिये भी सतर्क रहें। मेला समिति जो बनी है,
शायद वह इस बार मेले की तरफ से पूरी तरह से आंखे मूंदे बैठी है, तभी तो घटिया स्तर की निर्माण सामग्री बराबर लगाई जा रही है और उद्घाटन के एक माह बाद भी तैयारी अधूरी है। गनीमत रही कि निकाय चुनाव के मद्देनजर कार्यक्रमों की तिथि कुछ आगे बढ़ी है। वरना (23 अप्रैल) आज होने वाले कार्यक्रम में कुछ इस तरह से (फोटो में साफ दिखाई दे रही पसरी गंदगी, टूटे तार, जलभराव की समस्या) आपका मेला नौचंदी स्वागत करता।

क्रांतिधरा पर इस बार आयोजित होने वाले नौचंदी मेले की तैयारी कितनी गंभीरता एवं तत्परता से चल रही है, वह तो किसी से छिपा नहीं है। नौचंदी मेले की तैयारी के मद्देनजर निगम कार्यालय में मेला आयोजन समिति की बैठक जो आयोजित हुई। उसमें पूर्व में आयोजित मेले में जो खामियां एवं भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दे एवं अधिकारियों मेला समिति द्वारा जो लापरवाही बरती गई वह इस बार न बरती जाए उसको लेकर वक्ताओं अपने-अपने विचार रखे।
समिति में शामिल संयुक्त व्यापार संघ में मंत्री व हैंडलूम वस्त व्यापारी संघ में महामंत्री अंकुर गोयल गत वर्षों की मेले की बेपटरी व्यवस्था को मजबूती के साथ उठाया था। निवर्तमान पार्षद गफ्फार ने भी नौचंदी मेले की भूमि पर लगातार बढ़ रहे अवैध कब्जे एवं मेला परिसर में फैल रही अव्यवस्थाओं को उठाया था। पं. संजय शर्मा, नरेंद्र राष्टÑवादी, रविंद्र तेवतिया ने आदि ने तमाम ऐसे मुद्दे उठाये जिनके द्वारा गत वर्षों में रही खामियां इस बार न हो सके।

वहीं, इस बार मेला निर्विवाद रूप से आयोजित किया जा सके, लेकिन मेले में गत वर्षों की अपेक्षा जो खामियां रही वह कम होने की जगह मेला शुरू होने से पूर्व ही बढ़ती दिखाई पड़ रही है। जिसमें 19 मार्च को मेले का विधिवत उद्घाटन हुआ उस दिन से ही मेला नौचंदी विवादों के घेरे में चल रहा है। उसमें चाहे उद्घाटन के दौरान राष्टÑपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर अधिकारियों द्वारा माल्यार्पण नहीं करना रहा हो या फिर मेला नौचंदी के लिये जो टेंडर छोडेÞ जाने थे, वह एक माह बाद भी कुछ नहीं छोड़े जा सके।
मेले परिसर में लगातार कूड़ा आज भी बदस्तूर डाला जा रहा है। जिसको लेकर ‘जनवाणी’ में खबर प्रकाशित होने के बाद कुछ दिन तो मेला परिसर में कूड़ा डालना बंद कर दिया गया था, लेकिन आज फिर से वहीं पर कूड़ा डाला जाने लगा है। घटिया निर्माण सामग्री के मामले में निगम द्वारा ठेकेदार को नोटिस जारी कर इतिश्री कर ली गई। आज भी मानक के अनुसार न तो रंगाई-पुताई ही होती दिखाई दे रही है।

वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण में नोटिस जारी होने के बाद कुछ सुधार तो दिखाई दिया, लेकिन अब भी संतोष जनक दिखाई नहीं दे रहा है। कुछ विद्युत पोल मेला परिसर में टूटकर तिरछे हो गये हैं, कुछ जमीन पर गिर गये हैं। तार भी जमीन पर टूटे पड़े हैं, लेकिन मेला आयोजन समिति का इस तरफ शायद ध्यान नहीं है। आज मेले में पहला कार्यक्रम आयोजित किया जाना था, जोकि निकाय चुनाव के कारण कुछ तिथि में बदलाव किया गया जिस कारण वह स्थगित हो गया,

नहीं तो जो फोटो में मेला परिसर की कुछ तस्वीर देख रहे हैं, उससे अतिथियों का स्वागत होता। यही कहा जा सकता है कि सावधान! नौचंदी मेला देखने आए तो जरा संभलकर वरना! आपकी जान पर बन सकती है। गंदगी से बीमार हो सकते हैं और तारों की चपेट में आकर किसी बड़े हादसे का शिकार हो सकते हैं।

