- शासन ने जारी किए निर्देश, बोर्ड परीक्षा के नतीजों पर सरकार करेगी कार्रवाई
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम जारी हो चुका है। परीक्षा नकलविहीन सम्पन्न कराने के लिए बोर्ड की ओर से इस वर्ष कई बड़े कदम भी उठाए गए थे। जिसका सीधा असर परीक्षा के दौरान देखने को मिला और अब परिणाम जारी होने के बाद शासन उन स्कूलों पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है, जिनका परिणाम गत वर्षों की भांति कम रहा है।
बता दें कि यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम 25 अप्रैल को जारी कर दिया गया है। शासन की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि किसी शिक्षण संस्थान का परिणाम खराब निकला है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इतना ही नहीं खराब परिणाम आने पर यह माना जाएगा कि विद्यालय की ओर से छात्रों को पूरे साल शैक्षिक माहौल नहीं दिया गया है। आदेशों को सुनने के बाद अधिकांश स्कूलों के शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के चेहरे पर चिंता के बादल मंडराने लगे है।
10वीं के दो विषयों में फेल छात्रों को मिलेगा मौका
यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल पर नकेल कसे जाने का असर पहले परीक्षा के दौरान दिखा और बाद में मूल्यांकन में। अब परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद विद्यार्थी नियमों की जानकारी में उलझे है कि कितने विषयों में फेल होने या कम अंक आने में उन्हें पास माना जाएगा।
ऐसे छात्रों ने बोर्ड कार्यालय के चक्कर लगाना शुरू कर दिया है ताकि नियमों की जानकारी मिल सकें। 10वीं में छह विषय है। बोर्ड के नियमानुसार अगर कोई परीक्षार्थी पांच विषयों में पास और किसी एक विषय में फेल है या फिर एक विषय के पेपर में अनुपस्थित रह गया है तो भी वह पास माना जाएगा।

अगर वह चाहे तो एक विषय की कंपार्टमेंट परीक्षा दे सकता है। कंपार्टमेंट परीक्षा जुलाई में कराई जाएगी। दूसरा अगर विद्यार्थी 10वीं के दो विषयों में फेल हो जाता है तो उसे एक विषय की कंपार्टमेंट परीक्षा देने का मौका मिलेगा। वहीं 12वीं में सभी मुख्य विषयों के दो-दो पेपर होते हैं। अगर विद्यार्थी ने एक विषय की परीक्षा में 27 अंक प्राप्त किए है और दूसरे में फेल हो गया है या अनुपस्थित है तब भी उसे पास कर दिया जाएगा। क्योंकि बोर्ड दूसरे पेपर में आठ अंक का ग्रेस देकर पास कर सकता है।
सोमवार के बाद कर सकेंगे स्क्रूटनी के लिए आवेदन
परिणाम घोषित होने के बाद अब ग्रीवांस सेल छात्रों की समस्याओं का समाधान करेंगा। इसी के साथ जिन छात्र-छात्राओं के कम अंक आए है वह सोमवार के बाद स्क्रूटनी के लिए आवेदन कर सकेंगे। स्क्रूटनी के आवेदन 19 मई तक किए जा सकेंगे। ग्रीवांस सेल एक सप्ताह के अंदर काम करना शुरू कर देगा और यह सेल छात्रों की समस्याओं का समाधान करेगा। प्रार्थना पत्र देने वाले छात्रों की समस्याओं का समाधान समय सीमा के अंदर ही कर दिया जाएगा।

