जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: यूपी के जिला गाजीपुर में न्यायालय जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग करके आवागमन रोक दिया गया था। यहां सुरक्षा के लिए पीएसी और पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी। कोर्ट का फैसला आना है, गाजीपुर जिले के सांसद अफजाल अंसारी करीब 11 बजे अदालत पहुंचे और मुख्तार अंसारी वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े।
माफिया मुख्तार अंसारी पर गैंगस्टर मामले में गाजीपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट का फैसला आ गया है। कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा और 5 लाख रूपए का जुर्माना भी लगाया है। इस केस में मुख्तार के भाई सांसद अफजाल अंसारी भी आरोपी हैं। जिस पर फैसला आना बाकी है।
एमपी/एमएलए कोर्ट में चल रहे इस मामले में बीते 15 अप्रैल को फैसला आना था। जज के अवकाश में होने के चलते फैसला नहीं आ पाया था। ऐसे फैसले के लिए 29 अप्रैल को तारीख नियत की गई थी। वर्ष 2007 के इस मामले में बीते एक अप्रैल को बहस और सुनवाई पूरी कर ली गयी थी और 15 अप्रैल को फैसला होना था।
अफजाल अंसारी, मुख्तार अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत एमपी/एमएलए कोर्ट में चल रहे इस केस में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड केस गैंग चार्ट में शामिल है। जबकि नन्दकिशोर रूंगटा के अपहरण और हत्या का केस भी गैंग चार्ट में शामिल है।
29 नवंबर 2005 को गाजीपुर के भांवरकोल थाना अंतर्गत सियाड़ी गांव में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय सहित सात लोगों पर एके-47 जैसे अत्याधुनिक असलहों से लगभग 400 राउंड से ज्यादा फायरिंग कर उनकी हत्या कर दी गई थी। सातों लोगों का शव पोस्टमार्टम के लिए बीएचयू लाया जाने लगा तो भाजपा विधायक के समर्थक उग्र हो गए थे और जगह-जगह तोड़फोड़ व हिंसा की गई थी।