Monday, May 11, 2026
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खतरा: दिल दे रहा दगा, रहिए सजग

  • दिल को दोष न दें, लाइफ स्टाइल ले रही जान
  • स्मोकिंग, अल्कोहल का सेवन, अनहेल्दी डाइट भी बिगाड़ रही दिल की सेहत
  • 50 साल का इंतजार न करें, 25 साल की उम्र से दिल को संभालना शुरू करें

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: दिल पर हजारों कवियों और शायरों ने न जाने कितने पन्ने रंग दिये, लेकिन दिल के बिगड़ते हालात को वो भी न समझ पाये। यही कारण है कि हाल के वर्षों में उनके दिल ने ज्यादा धोखा दिया जिन लोगों ने अपनी सेहत के लिये ट्रेनर, बेहतरीन खानपान और डाक्टर रखे हुए थे। इस पर सवाल उठना लाजिमी है कि जब हाई प्रोफाइल लोगों का दिल साथ नहीं दे रहा फिर आम इंसान की क्या बिसात है।

50 साल की उम्र छूते ही वालीवुड और टेलीविजन की दुनिया की हस्ती दिल के मामले में फिसड्डी साबित हुई और दुनिया छोड़ कर चली गई। वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि किसने कहा है कि 50 साल तक का इंतजार कीजिए, 25 साल की उम्र सें दिल की बीमारियां अब दस्तक देना शुरू करने लगी है। इसके लिये स्मोकिंग, अल्कोहल का सेवन, अनहेल्दी डाइट से बचने की कोशिश करें और नियमित चेकअप करवाएं।

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कोरोना ने लाखों परिवारों को बर्बाद कर दिया था। कई लोगों की मृत्यु कोरोना सहित अन्य कारणों से भी हुई जिनमें हार्ट फेलियर, हार्ट अटैक और कार्डियाक अरेस्ट जैसे कारण प्रमुख रहे तो वहीं, फिल्म इंडस्ट्री और टीवी इंडस्ट्री के कई बड़े नाम भी हार्ट अटैक की वजह से असमय ही इस दुनिया को अलविदा कह गए। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इनमें से ज्यादातर लोग ऐसे थे जिनकी उम्र कम थी और वे अपनी फिटनेस का भी काफी ध्यान रखते थे।

फिटनेस ट्रेनर कैजाद कपाड़िया और अभिनेता सिद्धार्थ ऐसे ही कुछ बड़े नाम हैं जिनकी हार्ट अटैक से मृत्यु होने के बाद लोग भयभीत हो गए। इसके साथ ही चर्चा शुरू हो गयी कि कम उम्र में हार्ट अटैक और दिल से जुड़ी बीमारियों से मौत का खतरा इतना क्यूं बढ़ रहा है। इंडस्ट्री और टीवी इंडस्ट्री के कई बड़े नाम भी हार्ट अटैक की वजह से असमय ही इस दुनिया को अलविदा कह गए।

हार्टअटैक के कारण क्या हैं?

सीनियर कार्डियोलाजिस्ट डा. ममतेश गुप्ता का कहना है कि कम उम्र में हार्ट अटैक और कार्डियक बीमारियों से जुड़ी मृत्यु के मामले पिछले कुछ समय से बढ़ते जा रहे हैं। खासकर ऐसे लोग जो एक्सरसाइज और कठिन शारीरिक परिश्रम करते हैं उनमें हार्ट अटैक की एक बड़ी वजह जिमिंग के दौरान दिल पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव है।

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जब लोग बहुत कठिन एक्सरसाइज करते हैं तो उनका शरीर इस प्रेशर को झेल नही पाता और हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ सकता है। वहीं, मुश्किल एक्सरसाइजेस के अलावा स्मोकिंग, अल्कोहल का सेवन, अनहेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल और कुछ क्रोनिक बीमारियों से भी हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि हर मौत के लिये हार्ट अटैक जिम्मेदार नहीं है।

हर मौत दिल की धड़कन बंद होने से होती है, जबकि मौत के तमाम कारण होते हैं। मानसिक तनाव, बिना फाइबर वाले खाने से बचें। रिफाइंड तेल से बचे और कच्ची घानी का तेल ज्यादा प्रयोग करें। एक ही तेल बार-बार प्रयोग न करें। अगर शराब पीते हैं तो रेड वाइन का प्रयोग करें। जंक फूड भी हार्ट अटैक के कई कारणों में से एक है।

साउथ ईस्ट एशिया में रहने वालों में हार्ट अटैक के खतरे ज्यादा

वरिष्ठ काडिर्याेलाजिस्ट डा. राजीव अग्रवाल का कहना है कि साउथ ईस्ट एशिया में रहने वाले लोगों में हार्ट अटैक के खतरे ज्यादा होते हैं। जहां तब वालीवुड के स्टार्स के हार्ट अटैक से मरने का सवाल है, ये लोग डाक्टरों के क्लीनिक तक नहीं जाते हैं और वाट्सऐप के जरिये अपना इलाज कराते हैं। इनकी लाइफ स्टाइल देखने में रोचक लगती है, लेकिन मानसिक स्ट्रैस इनको परेशान रखता है।

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छह घंटे से कम नींद आना भी एक बड़ा कारण बन जाता है। जो लोग मार्निंग या इवनिंग वॉक के दौरान मोबाइल का प्रयोग करते हैं वो भी दिमाग को थका कर रखते हैं। उन्होंने बताया कि 50 साल तो लोगों ने अपने मन से जिंदगी बना रखी है, हार्ट अटैक के खतरे अब 25 साल की उम्र से शुरू हो गए हैं। नियमित चेकअप और खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

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