नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक अभिनंदन और स्वागत है। एक मंदबुद्धि किशोरी के साथ मुस्लिम समुदाय के अधेड़ व्यक्ति शफीक पर दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। बावजूद इसके शहर पुलिस केस दर्ज करने का नाम नहीं ले रही थी। इस मामले की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठन के लोग सामने आए और मुकामी थानेदार को जमकर खरी खोटी सुनाई तब जाकर मुकदमा पंजीकृत कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
आइए जानते हैं मंदबुद्धि किशोरी के साथ हुए हैवानियत की पूरी कहानी…
मामला जिले के कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र की एक कॉलोनी में हिंदू परिवार की है। इस बेबस गरीब परिवार के पड़ोस में अधेड़ करीब 58 वर्षीय शफीक अंसारी का परिवार भी रहता है। आरोप है कि शफीक अंसारी पड़ोस में रहने वाली मंदबुद्धि किशोरी से बीते तीन माह से लगातार दुष्कर्म कर रहा था। वह किशोरी को चॉकलेट देने के बहाने से घर लेकर जाता था और दुष्कर्म की घटना को अंजाम देकर डरा धमकाकर भेज देता था।
इस घटना का खुलासा उस वक्त हुआ जब मंदबुद्धि किशोरी के पेट में अचानक तेज दर्द उठा। इसके बाद परिजन किशोरी को अस्पताल ले गए, तब घटना का खुलासा हुआ। डॉक्टर ने जांच किया तो मामला कुछ अलग निकला। परिजनों ने किशोरी से पूछा तो उसने शफीक वाली सारी बात बताई। इसके बाद पीड़ित परिवार आरोपी शफीक अंसारी के घर पहुंचा। बताया जा रहा है कि यहां पर दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। शफीक अंसारी पक्ष ने गाली गलौज करनी शुरू कर दी।
पुलिस में शिकायत के बाद जब केस दर्ज नहीं हुआ तो जानकारी मिलते की हिंदू संगठन के लोग हंगामा किए और थानेदार को खरी खोटी सुनाई उसके बाद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि दुष्कर्म के आरोपी के बेटे पर धर्मांतरण का मुकदमा पहले से ही दर्ज है।
हंगामे के बाद पुलिस ने दर्ज किया केस
घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठन के नेता सचिन सिरोही मौके पर पहुंचे। उन्होंने थाना प्रभारी अजय कुमार को जमकर खरी-खोटी सुनाई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आगे की कार्रवाई की जा रही है।
दो साल पहले शफीक के बेटे चांद पर दर्ज है धर्मांतरण का केस
हिंदू नेता सचिन सिरोही ने बताया कि दो साल पहले शफीक अंसारी के बेटे चांद ने हिंदू युवती को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया था। इसका पता चलते ही सचिन सिरोही की टीम ने हंगामा कर दिया था। सचिन की तहरीर पर पुलिस ने चांद के खिलाफ धर्मांतरण का जिले में पहला मुकदमा दर्ज किया था। दो साल बाद चांद के पिता पर मुकदमा दर्ज हो गया।