
केन्द्र सरकार 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के सत्र में वन (संरक्षण) अधिनियम-1980 के नियमों में बदलाव का विधेयक पेश करने जा रही है। संयुक्त संसदीय समिति ने इस कानून से जुड़े संशोधनों को हू-ब-हू ‘स्वीकृत’ कर दिया है। यों कहा जाय कि कमेटी ने इस बिल में किसी तरह के बदलाव का सुझाव नहीं दिया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस संबंध में दर्ज की गई आदिवासियों की आपत्तियों को कमेटी ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट में वन (संरक्षण) अधिनियम-1980 में संशोधन के लिए प्रस्तावित बिल का कंडिकावार विश्लेषण किया गया है। इस क्रम में भारत सरकार के कम-से-कम 10 मंत्रालयों से सुझाव या जानकारी मांगी गई थी। इसके अलावा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे राज्यों से विशेषज्ञों, व्यक्तियों और सार्वजनिक संस्थाओं से भी आपत्ति या राय मांगी गई थी।