- केजरीवाल सरकार के फैसले को लेकर मेरठ मंडप एसोसिएशन के पदाधिकारियों में मची खलबली
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: लॉकडाउन अवधि से आर्थिक मंदी झेल रहे वैवाहिक कार्यक्रम से जुड़े मंडप मालिकों एवं अन्य लोगों को नवंबर एवं दिसंबर के वैवाहिक सीजन में राहत की उम्मीद थी।
इसलिए सभी मंडप के मालिक के साथ-साथ इस कार्य से जुड़े लोग अपने लोन एवं अन्य माध्यमों से पैसे एकत्रित कर साज सज्जा में लगे हुए थे, लेकिन जैसे ही दिल्ली की केजरीवाल सरकार द्वारा कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए शादी के सीजन से पहले मेहमानों की संख्या 200 से 50 करने का फरमान जारी किया। उसके पश्चात से एनसीआर में इसका असर देखने को मिल रहा है।
अभिभावक नई बुंकिग को करते में डर रहे है। वह बुकिंग तो कर रहे हैं, लेकिन पेमेंट की राशि बाद में देने की बात कर रहे है। वहीं दिसंबर में जिनके विवाह है वह बुंकिग को अभी से कैंसिल करने लगे है। जिसस कि वैवाहिक कार्यक्रम से जुड़े लोगों में केजरीवाल के फैसले से नाराजगी हैं।
बिना वैवाहिक कार्यक्रम शुरू हुए कैसे की समीक्षा
मंडप मालिकों ने केजरीवाल के फैसले को गलत करार दिया। मंडप के मालिकों ने कहा कि वैवाहिक कार्यक्रमों के शुरु होने से पूर्व ही इस तरह का फैसला करना उचित नहीं है। इस फैसले से वैवाहिक कार्यक्रमों से जुडे सभी लोग भुखमरी की करार पर पहुंच जाएगें। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग करते हुए कहा कि यूपी में इस तरह का कोई फैसला ना लिया जाएं। साथ ही लिमिट को भी स्पेश के अनुसार बढ़ाया जाएं। जिससे उनकों राहत मिलें।
मंडप एसोसिएशन के चेयरमैन सुबोध गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार के फैसला का असर पश्चिम यूपी में देखने को मिल रहा है। लॉकडाउन के कारण पहले से ही वैवाहिक कार्यक्रम से जुड़े मंडप मालिक, टैंट एवं अन्य वर्गों पर आर्थिक संकट बना हुआ था। वहीं अभिभावक पहले से ही बुकिंग करने में डर रहे थे अब और डरेंगे। जिससे इस कार्य से जुड़े लोग भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे।
मेरठ मंडप एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने कहा कि मंडप के मालिक एवं अन्य इस कार्य से जुड़े लोग आस लगाए हुए थे। कि लॉकडाउन से आर्थिक संकट की मार झेल रहे लोगों को इस सीजन में राहत मिलेगी, लेकिन दिल्ली की सरकार ने बिना समीक्षा किए आदेश जारी करने से एनसीआर के लोगों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। क्योंकि अभिभावक बुंकिग को कैंसिल करने लगे हैं। यूपी सरकार को इस स्थिति को साफ करते हुए परमिशन प्रक्रिया को भी सरल करना चाहिए।
मंडप एसोसिएशन के महामंत्री विपुल सिंघल ने कहा कि बिना वैवाहिक कार्यक्रमों शुरू हुए पहले से ही कोरोना फैलने का दोष देना सरासर गलत है। केजरीवाल चर्चाओं में आने के लिए ऐसे फैसले लेते है। इस तरह के फैसले से पहले सोचना चाहिए था कि 25 नवंबर से शादी शुरू होगी ऐसे में जिन माता-पिता ने शादी के कार्ड वितिरत कर दिए हैं। वह लोग कैसे फोन करके मना करें कि आप 50 लोगों की लिस्ट में नहीं हैं। सरकार के इस फैसले से वैवाहिक कार्यक्रम से जुड़े लोगों के सामने संकट उत्पन्न हो गया हैं।
मंडप एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष नवीन अग्रवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार का फैसला गलत है। सरकार के इस फैसले से लॉकडाउन के कारण पहले का सीजन भी बेकार गया है। ऐसे में अब इस प्रकार के फैसले से राहत की उम्मीद लगाए लोगों को सामने संकट खड़ा हो गया है। क्योंकि उनके के लिए आजीविका चलाने का संकट भी खड़ा हो रहा है। यहीं नहीं पहले से लोन लेकर वह कार्य में लगा रहे है। फैसला लेने से पहले सही से समीक्षा करना चाहिए।





