Wednesday, March 25, 2026
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सीसीएसयू कैंपस में रैगिंग करने वालों की अब खैर नहीं

  • विश्वविद्यालय की ओर से रैगिंग रोकने के लिए गठित की गई कमेटी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कैंपस में रैगिंग करने वालों की अब खैर नहीं है। क्योंकि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने रैगिंग रोकने के लिए उच्च स्तरीय एंटी रैगिंग कमेटी 2023-24 का गठन कर दिया है। समिति समय-समय पर आंतरिक एंटी रैगिंग कमेटी और एंटी रैगिंग दस्तों के कार्यों की समीक्षा करेगी। अगर किसी छात्र के खिलाफ रैगिंग की शिकायत पाई गई तो उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि कैंपस और हॉस्टलों में रैगिंग न हो इसको लेकर सभी जरूरी कदम उठाएं जाएंगे। कैंपस और कॉलेजों में एडमिशन होने के बाद कक्षाएं शुरू हो गई हैं। ऐसे में नए छात्र-छात्राएं जब स्कूल से कॉलेज में आते हैं तो उन्हें रैगिंग की सच्चाई का आभास नहीं होता। कई बार सीनियर्स रैगिंग के नाम पर छात्र-छात्राओं को प्रताड़ित करते हैं। कई बार बात मामूली मजाक से बेहद घृणित स्तर तक पहुंच जाती है।

रैगिंग के दुष्परिणामों को देखते हुए सख्त हुआ प्रशासन

सीसीएसयू प्रशासन के अनुसार रैगिंग का दंश झेल चुके कितने ही होनहार छात्र डिप्रेशन में चले जाते हैं। देश में कितने ही छात्र अपनी जान दे चुके हैं। रैगिंग रोकने को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सख्त कानून बनाया जा चुका है। इसमें रैगिंग का आरोपी पाए जाने पर तीन साल तक की सजा और जुमार्ने का प्रावधान है। सीसीएयू कैंपस में इसको देखते हुए खास कमेटी का गठन किया गया है।

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कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में बनी कमेटी में कुलपति इसकी अध्यक्ष रहेगी। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से पुलिस महानिरीक्षक मेरठ रेंज, एटीएम सिटी और पुलिस अधीक्षक कोई इसका सदस्य बनाया गया है। एनजीओ की तरफ से अनुभूति चौहान और हरिदत्त को सदस्य नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही कमेटी में मीडियाकर्मियों और चार छात्र-छात्राओं को सदस्य बनाया है।

ऐसे हुई रैगिंग की शुरुआत

माना जाता है कि 7 से 8वीं शताब्दी में ग्रीस के खेल समुदायों में नए खिलाड़ियों में स्पोर्ट्स स्प्रिट जगाने के उद्देश्य से रैगिंग की शुरुआत हुई थी। इसमें जूनियर खिलाड़ियों को चिढ़ाया और अपमानित किया जाता था। समय के साथ रैगिंग में बदलाव होता गया और सेना ने भी इसे अपना हिस्सा बना लिया।

इसके बाद शिक्षण संस्थानों के छात्रों ने रैगिंग को अपना लिया। सीनियर और जूनियर के बीच दोस्ती बढ़ाने के लिए पहले हल्की-फुल्की रैगिंग की जाती थी। शालीनता का परिचय दिया जाता था लेकिन इसके बाद रैगिंग की आड़ में अश्लीलता और मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने वाले कार्य होेने लगे।

रैगिंग के मामले में श्रीलंका सबसे ज्यादा बदनाम

रैगिंग की वजह से दुनिया में पहली मौत 1873 में हुई। न्यूयॉर्क की कॉरनेल यूनिवर्सिटी की इमारत से गिरकर एक जूनियर छात्र की मौत हो गई। 90 के दशक में भारत में रैगिंग के घातक रूप ले लिया। 1997 में तमिलनाडु में सबसे ज्यादा रैगिंग के मामले आए। 2001 में सुप्रीम कोर्ट ने पूरे भारत में रैगिंग पर प्रतिबंध लगा दिया। वर्तमान में रैगिंग के मामले में श्रीलंका दुनिया में सबसे ज्यादा बदनाम है।

ये भी रैगिंग में शामिल

  • कॉलेज या हॉस्टल में किसी स्टूडेंट पर उसके रंगरूप या पहनावे के आधार पर टिप्पणी करना। उसे अजीबोगरीब नाम लेकर बुलाना।
  • किसी स्टूडेंट को उसकी क्षेत्रीयता, भाषा या जाति के आधार पर अपमान जनक नाम लेकर पुकारना।
  • स्टूडेंट की नस्ल या पारिवारिक अतीत या आर्थिक पृष्ठ भूमि को लेकर उसे लज्जित करना और अपमान करना रैगिंग माना जाएगा।
  • छात्राओं को अजीबोगरीब नियमों के तहत परेशान करना या अपमान जनक टास्क देना।

दूसरी कटआफ जारी आज से होंगे प्रवेश

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने गुरुवार को देर शाम विश्वविद्यालय से संबंधित कॉलेजों में स्नातक व स्नातक स्तरीय डिप्लोमा व सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए दूसरी कट आॅफ जारी कर दी है। दूसरी कटआॅफ से कॉलेजों में शुक्रवार यानी 11 से 14 अगस्त तक प्रवेश होंगे। कालेजों को 14 अगस्त तक प्रवेश को विश्वविद्यालय के पोर्टल पर कंफर्म करना अनिवार्य होगा। उक्त प्रवेश प्रक्रिया में पांच वर्षीय बीए-एलएलबी व बीकाम एलएलबी के अलावा बीपीईएस, बीएससी फिजिकल एजुकेशन, हेल्थ एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स पाठ्यक्रम शामिल नहीं हैं।

पंजीकृत विद्यार्थी अपनी लॉगिन आइडी से डाउनलोड किए पंजीकरण फार्म व आफर लेटर के साथ ही स्नातक शैक्षिक, आरक्षण, मूल निवास, आधार आदि सभी प्रमाण पत्र और उनकी स्वप्रमाणित छाया प्रति लेकर कालेजों में प्रवेश के लिए पहुंचेंगे। दूसरी कटआफ में अंकित पाठ्यक्रम व कालेज में किसी कारण प्रवेश न लेने पर विद्यार्थियों को ओपन मेरिट में ही प्रवेश की अनुमति मिलेगी।

वही विश्वविद्यालय परिसर के विभागों में स्नातक व स्नातक स्तरीय डिप्लोमा व सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पहली ओपन मेरिट जारी की जा चुकी है। जिसके लिए छात्र-छात्राएं 11 अगस्त यानी शुक्रवार तक आॅफर लेटर जमा कर सकेंगे। आॅफर लेटर के सापेक्ष विश्वविद्यालय ओपन वरीयता सूची तैयार कर 14 से 16 अगस्त तक प्रवेश लेगा। परिसर के सभी विभागों को अभ्यर्थियों के प्रवेश को 16 अगस्त तक आॅनलाइन पोर्टल पर कंफर्म करना होगा।

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