- कर्मचारियों की मांग, जमीन की फर्जी तरीके से लीज डीड करने वालों के खिलाफ हो मुकदमे दर्ज
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: गांधी आश्रम की जमीन लीज पर देने वालों के खिलाफ सोमवार को कार्रवाई नहीं होने की दिशा में कर्मचारियों ने अनशन आरंभ कर दिया। गांधी आश्रम परिसर में कर्मचारी यूनियन के तत्वाधान में कर्मचारियों का एक ग्रुप अनशन पर बैठ गया। कर्मचारियों की मांग है कि जमीन की फर्जी तरीके से लीज डीड करने वालों के खिलाफ मुकदमें दर्ज है, फिर भी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई पुलिस और प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा हैं। कर्मचारियों को मजबूरी में अनशन पर बैठना पड़ा हैं। आखिर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। इसी से अनशन पर बैठे कर्मचारी खफा हैं।

दरअसल, करीब दो वर्ष से गांधी आश्रम की जमीन को लेकर उथल-पुथल चल रही हैं। गांधी आश्रम समिति के पदाधिकारियों ने गांधी आश्रम की जमीन की लीज डीड कुछ लोगों के नाम कर दी थी। ये मामला मेरठ से लेकर लखनऊ तक पहुंचा। लखनऊ हजरत गंज कोतवाली में गांधी आश्रम के पदाधिकारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई गयी। इसमें भी किसी की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई हैं। प्रशासन को भी इसमें भू-माफियाओं पर कार्रवाई की मांग की, लेकिन उसमें भू-माफिया अधिनियम के तहत कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी से खफा होकर गांधी आश्रम कर्मचारी यूनियन ने सोमवार को गांधी आश्रम परिसर में टेंट लगाया और अनशन पर बैठ गए।
ये अनशन बेमियादी हैं। न्याय मिलने तक कर्मचारी अनशन करेंगे। आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने से क्षुब्ध होकर ही कर्मचारी अनशन पर बैठे हैं। ये क्रमिक अनशन अभी चलेगा। साथ ही कर्मचारियों ने हड़ताल भी गांधी आश्रम में कर दी हैं। कोई कर्मचारी काम नहीं करेगा। ये कब तक चलेगा, कर्मचारी यूनियन का कहना है कि आंदोलन लंबा चलेगा। लंबित फाइल पर डिप्टी रजिस्ट्रार कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। अनशन पर बैठने वालों में कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष चंद्रशेखर गुप्ता, मंत्री प्रेमचंद, सिंह, संरक्षक अनंत देव कौशिक, पूर्व सदस्य महेश पंत, योगेश अग्निहोत्री आदी मौजूद रहे।

