Saturday, April 11, 2026
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आंखें मूंदे बैठे कैंट अफसर

  • अवैध कोठी का निर्माण हो रहा फाइनल

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने बेशर्मी की तमाम हदे पार कर ली हैं। कैंट स्थित बीसी लाइन में अवैध तरीके से कोठी का निर्माण हो रहा हैं, लेकिन कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने सब कुछ जानते हुए भी अब आंखें मूंद ली हैं। बोर्ड भंग हैं, ऐसे में जिम्मेदारी सेना के अफसरों की भी कम नहीं हैं। सेना के अफसर अवैध निर्माण को लेकर आखिर अपने दामन में दाग क्यों लगवा रहे हैं, उन पर भी उंगली उठ रही हैं।

‘जनवाणी’ नहीं चाहता कि सेना के अधिकारियों पर अंगुली उठाई जाए, लेकिन बोर्ड भंग है, उनकी भी पूरी जिम्मेदारी हैं कि अवैध निर्माण पर निगाहबानी करें। क्योंकि कैंट बोर्ड के अधिकारियों को तो रात-दिन बीआई लाइन में चल रहे कोठी के निर्माण दिखाई नहीं देते। यहां रहने वाले लोग रात-दिन चल रहे ट्रकों से आजिज आ गए हैं। क्योंकि रात-दिन कोठी में काम चल रहा हैं, जिसके चलते व्यापक स्तर पर निर्माण चल रहा हैं।

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इसका कोई मानचित्र भी स्वीकृत नहीं हैं, फिर भी कैसे निर्माण चलने दिया जा रहा हैं, ये बड़ा सवाल हैं। बोर्ड भंग होने के कारण बोर्ड की कमान सेना के आला अफसरों के हाथ में हैं। कोई बात होती है तो सेना के अफसरों को ही हस्तक्षेप करना पड़ता हैं। इसमें भी सेना के अफसरों ने पहले भी हस्तक्षेप कर अवैध निर्माण को गिरा दिया था, लेकिन अब फिर से अवैध निर्माण व्यापक स्तर पर किया जा रहा हैं। जो कोठी का मूल स्वरूप था, उसके विपरीत निर्माण कर दिया गया हैं।

पिछले हिस्से में सर्वेंट क्वाटर्स बना दिये गए हैं, जो पहले बने हुए थे ही नहीं। एक-दो नहीं, बल्कि दर्जन भर से ज्यादा सर्वेंट क्वाटर्स बना दिये गए हैं, जिसके लिए कैंट बोर्ड के अफसर पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। इनको क्यों नहीं गिराया जा रहा हैं? जब पहले यहां पर कोई निर्माण नहीं था तो फिर नया निर्माण कैसे होने दिया? ये भी बड़ा सवाल हैं। कैंट बोर्ड के तमाम अवैध निर्माणों की जांच सीबीआई कर रही हैं।

अवैध निर्माण से संबंधित तमाम दस्तावेजों को सीबीआई ने मांगा था। वहां से जांच भी चल रही हैं, लेकिन इसके बाद भी कैंट बोर्ड के अफसरों में किसी तरह का खौफ नहीं हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि कोई अफसर डर नहीं रहा हैं और आंखों पर पट्टी बांध ली हैं, जिसको जितना अवैध निर्माण करना है करो, इसकी खुली छुट दे रखी हैं। जिस तरह से अवैध निर्माण कैंट क्षेत्र में चल रहे हैं, उससे तो यहीं दिखाई दे रहा हैं।

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अवैध निर्माण से पूरा इलाका परेशान हैं। क्योंकि रातभर काम चलता हैं। ट्रकों का आवागमन होता रहता हैं, वो भी नहीं दिखता। सेना भी इन ट्रकों को नहीं रोकती हैं। सेना के जवान दिन रात प्रत्येक एंट्री प्वाइंट पर तैनात रहते हैं, लेकिन वो भी इन ट्रकों को नहीं रोकते हैं। आसपास में रहने वालों की शांति भंग कर रखी हैं। क्योंकि जिस स्पीड से ये ट्रक यहां से मिट्टी से ओवर लोड होकर निकलते हैं तो सड़क में भी कंपन पैदा होती हैं।

फिर भी इनको क्यों नहीं रोका जा रहा हैं, ये भी सोचनीय प्रश्न हैं। अवैध निर्माण एक-दो नहीं, बल्कि कैंट क्षेत्र में बाढ़ आई हुई हैं। कोई रोकटोक नहीं हैं। जिसको जितना निर्माण करना है, उसको खुली छुट कैंट बोर्ड के अफसरों ने दे रखी हैं, तभी तो खूब अवैध निर्माण चल रहे हैं। व्हाइट हाउस के बराबर में एक बड़ी कोठी का लिंटर डाल दिया गया है।

ये लिंटर करीब तीन हजार वर्ग फीट में डाला गया हैं। अब इसमें कैंट बोर्ड के अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की। आंखें बंद कर पूरा निर्माण फाइनल करा दिया हैं। इसी तरह से दो दर्जन से ज्यादा अवैध निर्माण कैंट में पूर्ण करा दिये गए हैं, जिनकी शिकायत सीबीआई और लखनऊ कमांड और रक्षा मंत्रालय को भी की गई हैं।

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