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हुक्का बार, स्नूकर की आड़ में चल रही थी अय्याशी

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हुक्का बार, स्नूकर की आड़ में चल रही थी अय्याशी
  • पुलिस ने छापा मारकर स्कूली छात्राएं और युवकों को लिया हिरासत में, आपत्तिजनक वस्तुएं की बरामद

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सिविल लाइन थाना क्षेत्र शिवपुरी में संचालित कैफे, हुक्का बार और स्नूकर की आड़ में महीनों से चल रहे अय्याशी के अड्डे पर पुलिस ने छापा मारा। छापे के दौरान कैफे में कई स्कूली छात्राएं और युवकों को पुलिस ने मौके से हिरासत में ले लिया। मौके पर पुलिस ने आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद की हैं। लेकिन थाने तक जाते वक्त स्कूली छात्राएं और कई युवकों को पुलिस ने बीच रास्ते से छोड़ दिया।

सिविल लाइन क्षेत्र शिवपुरी में ट्री हाउस कैफे एंड रेस्ट्रा के नाम से वहां हुक्का बार और स्नूकर संचालित होता है। जबकि हकीकत इससे इतर है। ट्री हाउस कैफे में युवा और स्कूली बच्चों को खुलेआम एक हजार रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक ऐसे गुप्त केबिन मुहैया कराये जाते हैं जहां सिर्फ अय्याशी और नशा परोसा जाता है। कैफे कम अय्याशी के इस अड्डे की जानकारी भाजपा पार्षद ने गुरुवार दोपहर सिविल लाइन पुलिस को दी।

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भाजपा पार्षद अपने समर्थकों व पुलिस के साथ इस कैफे रेस्ट्रा में पहुंचे। स्कूली छात्राओं और युवा व युवतियों को पार्टी करते हुए और गुप्त केबिन में आपत्तिजनक स्थिति में पाया गया। पुलिस के छापे पर कैफे में हड़कंप मच गया। नशा कर रहे युवा और छात्राएं फोटो खींचते देख अपना मुंह छिपाते रहे। पुलिस ने मौके से कई स्कूली छात्राओं और युवाओं व देवेन्द्र और रमेश व अज्जू नाम के व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने कैफे में बने तीन केबिन से आपत्तिजनक वस्तुएं कंडोम और कपड़े और नशे का सामान बरामद किया है।

पहले बंद कराया तो अब किसके इशारे पर चला यह कैफे

सर्विलांस ने फीस्ट हाउस कैफे पर छापे की कार्रवाई की गई थी। छापे की कार्रवाई के दौरान सीओ सिविल लाइन अरविन्द चौरासिया ने इसे बंद करा दिया था। लेकिन फिर से वही उसी कैफे का नाम बदलकर ट्री कैफे कर इसे शुरु कर दिया गया। ट्री कैफे के नाम से शुरु करने वाले इस अय्याशी के अड्डे को अब भी वही आरोपी नदीम और शास्त्री नगर निवासी आयुष इसे बेखौफ होकर संचालित किये थे। उन लोगों को न तो थाना पुलिस का डर था न ही क्षेत्राधिकारी का भय।

आखिर किसकी शह पर ये आरोपी इसे संचालित किये थे। हालांकि इस बार वह मौके से नहीं पकड़े गए। आखिर पहले बंद हुआ फीस्ट कैफे अब किसके ईशारे पर शुरु हुआ था। सूत्रों की मानें तो पुलिस की मिलीभगत के चलते इसे फिर से शुरु कराया गया था।

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भाजपा पार्षद उत्तम सैनी का कहना है कि चार महीने पहले भी इसी कैफे पर सीओ सिविल लाइन का छापा लगा था, लेकिन उसके बाद फिर से उन्हीं लोगों ने शुरू कर दिया। यह अनैतिक कार्य लड़कियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाला है। इसे किसी कीमत पर संचालित नहीं होने दिया जायेगा।

पहले फीस्ट हाउस कैफे के नाम से चला था

अब से करीब पांच महीने पहले शिवपुरी कालोनी की इसी बिल्डिंग में फीस्ट हाउस कैफे के नाम से यह अय्याशी का अड्डा संचालित था। इसे सिवाया निवासी नदीम और शास्त्री नगर निवासी आयुष व एक अन्य ने युवक ने मिलकर संचालित किया था।

उस वक्त गोपनीय सूचना पर सर्विलांस सैल ने इसी फीस्ट हाउस कैफे में छापा मारते हुए नदीम को हिरासत में लिया था। वहीं मौके से नशे की सामग्री व हुक्के के कई फ्लेवर बरामद किये थे। उस वक्त छापे के दौरान सीओ सिविल लाइन अरविन्द चौरासिया ने अपनी देखरेख में इसे बंद कराया था। तीन लोगों पर सिविल लाइन थाने में कार्रवाई की गई थी।

दारोगा के बेटे ने महिलाओं को बंधक बना की मारपीट

मेरठ: लोहिया नगर जामिया कालोनी में अवैध निर्माण की शिकायत को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। जिसमें एक पक्ष के दारोगा ने महिलाओं को अपने घर में बंधक बना लिया और उनके साथ मारपीट की। वहीं दोनों पक्षों के लोग आमने सामने आ गए और खुलकर धारदार हथियार चले। जिसमें तीन लोग घायल हो गए। गुरुवार को लोहिया नगर क्षेत्र की जामिया कालोनी में छोटू ने कालोनी में कुछ मकानों को अवैध बताते हुए एमडीए में शिकायत की थी।

शिकायत करने पर क्षेत्र की कुछ महिलाएं छोटू के घर पहुंची और उससे विरोध जताया। छोटू ने तीन महिलाओं को बंधक बना लिया और उनसे मारपीट की। जब महिलाओं के परिजनों को मारपीट की जानकारी हुई तो वे दर्जनों संख्या में छोटू के घर पहुंच गये। घर के बाहर पहले से मौजूद दर्जनों लोगों ने परिवार के लोगों पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। जिसमें दोनों तरफ से जमकर धारदार हथियार और लाठी डंडे खुलकर चले।

दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव हुआ। जिसमें कई लोग घायल हो गए। हमले में कालोनी के वसीम फरदीन, सगीर गंभीर रुप से घायल हो गए। घटना की जानकारी पर लोहिया नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। थाना प्रभारी केपी सिंह का कहना है कि तहरीर मिलने पर आरोपी पक्ष पर कार्रवाई की जायेगी।